ज्योतिष
एक घंटा पहले
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विचारों
पितृ दोष का अर्थ है कि व्यक्ति के पितर उससे नाराज हैं। मान्यता है कि जब पितर अपनी संतान से खुश नहीं रहते और तृप्त नहीं होते, तब वे श्राप देते हैं और इसी कारण व्यक्ति के जीवन में कई तरह की मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं। इसकी वजह से तरक्की रुक जाती है और वंश वृद्धि भी नहीं हो पाती। खास बात यह है कि पितृ दोष की पहचान करना बेहद आसान है। अपने हाथ की रेखाओं को ध्यान से देखकर ही आप जान सकते हैं कि आपके पितर आपसे नाराज हैं या नहीं।
भाग्य रेखा बताती है पितृ दोष का संकेत
जिन लोगों के हाथ में भाग्य रेखा टेढ़ी-मेढ़ी या लहराती हुई होती है, उन्हें पितृ दोष होता है। भाग्य रेखा का लहराना इसी दोष का संकेत माना जाता है। अगर आपके हाथ में लहराती हुई भाग्य रेखा है तो अपनी कुंडली भी जरूर जांच लें, उसमें भी पितृ दोष का प्रभाव मिलेगा।
इस स्थिति में कोई भी काम आसानी से नहीं बनता और सामान्य सफलता के लिए भी खूब मेहनत करनी पड़ती है। जीवन में तरह-तरह की समस्याएं आती रहती हैं, जिनसे व्यक्ति परेशान होकर थक-हार जाता है।
इसी तरह जिनके हाथ में भाग्य रेखा बीच-बीच में टूटी हुई दिखाई देती है, उन्हें भी पितृ दोष होता है। ऐसे लोगों को जीवन में काफी संघर्ष करना पड़ता है और सफलता पाने के लिए वे आम लोगों की तुलना में कहीं ज्यादा परिश्रम करते हैं।
सूर्य रेखा और चंद्र रेखा पर बनने वाले निशान
जिन लोगों के हाथ में सूर्य रेखा पर आड़ी-तिरछी रेखाएं हों और वे सूर्य रेखा को काट रही हों, तो यह भी पितृ दोष की निशानी है। इसी तरह चंद्र पर्वत से निकलने वाली रेखा अगर शुरू और अंत में दो मुंह वाली हो, तो यह भी पितृ दोष का संकेत माना जाता है।
जिन लोगों के हाथ में सूर्य रेखा हृदय रेखा को काटते हुए नीचे की ओर राहु क्षेत्र में चली जाती है, उन्हें भी पितृ दोष होता है।
ऐसी रेखा वालों के लिए जरूरी सावधानियां
जिन लोगों के हाथ में इस तरह की रेखा हो, उन्हें पार्टनरशिप का काम नहीं करना चाहिए और न ही कर्ज लेना चाहिए। ऐसे लोगों के पास जब पैसा आए तो उसे निवेश कर देना बेहतर रहता है, वरना वह धन टिकता नहीं और खर्च हो जाता है। यह पैसा फिजूलखर्च और मेडिकल बिल जैसी चीजों में लग जाता है।
अपने हाथ में ऐसे देखें पितृ दोष
सबसे पहले अपने हाथ में भाग्य रेखा को ध्यान से देखें। यह रेखा कलाई के मणिबंध से निकलती है और सीधे, बीच-बीच में टूटी हुई या लहराती हुई बीच वाली अंगुली तक जाती है।
अनामिका अंगुली के नीचे सूर्य पर्वत पर एक लंबी रेखा होती है, जिसे सूर्य रेखा कहा जाता है। अगर इसे कुछ रेखाएं काट दें तो पितृ दोष होगा। यही सूर्य रेखा जब हथेली के बीच राहु क्षेत्र में पहुंचती है, तब भी पितृ दोष माना जाता है।
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