OpenAI ने ChatGPT की मेमोरी को दी नई ताकत, अब अपने आप याद रहेंगी आपकी पसंद और जरूरतें तकनीक एक महीने पहले 25
OpenAI ने ChatGPT के मेमोरी सिस्टम को बड़ा अपग्रेड दिया है, जो यूजर्स की पसंद, पुरानी बातचीत और बदलती जानकारी को बेहतर ढंग से याद रखेगा। इसके साथ एक नया Memory Summary पेज भी जोड़ा गया है।

OpenAI ने अपने लोकप्रिय चैटबॉट ChatGPT के मेमोरी सिस्टम में एक बड़ा सुधार पेश किया है। कंपनी का दावा है कि नया सिस्टम पहले की तुलना में कहीं ज्यादा स्मार्ट, पर्सनल और सटीक रहेगा। इस अपडेट का मकसद ChatGPT को यूजर्स की पसंद, उनकी आदतों और बीते समय की बातचीत को और बेहतर तरीके से समझने तथा याद रखने योग्य बनाना है।

कब और कैसे शुरू हुआ मेमोरी फीचर

ChatGPT में मेमोरी की सुविधा सबसे पहले 2024 में दी गई थी। उस दौर में यूजर्स सीधे ChatGPT से किसी खास जानकारी को याद रखने के लिए कह सकते थे, जिससे चैटबॉट आगे की बातचीत में उन ब्योरों का इस्तेमाल कर पाता था।

इसके बाद 2025 में OpenAI ने इस सिस्टम को और मजबूत किया। अब ChatGPT को यह क्षमता दी गई कि वह पुरानी चैट हिस्ट्री से जरूरी बातें खुद समझे और उन्हें अपने आप याद रख ले। कंपनी इस पूरी प्रक्रिया को “Dreaming” के नाम से पुकारती है।

नए अपडेट में किन बातों पर जोर

OpenAI के मुताबिक ताजा अपडेट के साथ ChatGPT की मेमोरी पहले से कहीं अधिक एडवांस हो गई है। नया सिस्टम मुख्य रूप से तीन चीजों पर ध्यान केंद्रित करता है—पुरानी अहम जानकारी को लंबे समय तक याद रखना, यूजर की पसंद को समझना और समय के साथ जानकारी को लगातार अपडेट करते रहना।

उदाहरण के तौर पर, अगर कोई यूजर जवाब देने की किसी खास शैली को पसंद करता है या किसी प्रोजेक्ट पर लगातार काम कर रहा है, तो ChatGPT आगे की बातचीत में इसे ध्यान में रखेगा। इसी तरह, अगर यूजर ने पहले किसी यात्रा की योजना पर बात की हो और वह यात्रा पूरी हो चुकी हो, तो ChatGPT उसे आने वाली योजना मानकर नहीं चलेगा।

मेमोरी समरी पेज की सुविधा

कंपनी ने एक नया Memory Summary पेज भी जोड़ा है। इस पेज की मदद से यूजर्स यह देख पाएंगे कि ChatGPT उनके बारे में किस-किस तरह की जानकारी याद रखता है। अगर कोई जानकारी गलत हो, तो उसे बदला, हटाया या नई जानकारी जोड़ी जा सकती है।

किन यूजर्स को मिलेगा पहले

फिलहाल यह नया मेमोरी सिस्टम अमेरिका में ChatGPT Plus और Pro यूजर्स के लिए जारी किया जा रहा है। कंपनी का कहना है कि आने वाले हफ्तों में इसे अन्य देशों के साथ-साथ Free और Go प्लान के यूजर्स के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा।

OpenAI का मानना है कि यह अब तक का सबसे एडवांस मेमोरी सिस्टम है, जो ChatGPT को और अधिक उपयोगी बनाने के साथ-साथ यूजर्स को ज्यादा व्यक्तिगत अनुभव देने में मदद करेगा।

निखिल वर्मा पाबना के टेक्नोलॉजी रिपोर्टर हैं, जो गैजेट्स, ऐप्स और नई तकनीक पर लिखते हैं। स्मार्टफोन, एआई और डिजिटल ट्रेंड्स पर उनकी गहरी समझ है। वे तकनीक की जटिल बातों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाते हैं।

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