पंजाब
एक घंटा पहले
3
विचारों
सीएम आवास की घेराबंदी का प्रयास
खालिस्तान समर्थक और सांसद अमृतपाल सिंह के आह्वान पर उनके हजारों समर्थक आज पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास का घेराव करने के लिए चंडीगढ़ पहुंच गए। इस प्रदर्शन के कारण चंडीगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों के बढ़ते कदमों को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा का अभूतपूर्व घेरा बना लिया है ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो।
बीएनएस की धारा 163 का सख्ती से पालन
सुरक्षा स्थिति को भांपते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने शहर के संवेदनशील इलाकों में बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी है। सेक्टर-45 चौक पर पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग की है और पूरे क्षेत्र को कंटीली तारों से घेर दिया गया है। बैरिकेड्स पर धारा 163 के उल्लंघन के परिणामों के बारे में चेतावनी देने वाले बैनर भी चस्पा किए गए हैं। शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए चंडीगढ़ पुलिस के साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की भी बड़ी टुकड़ियों को तैनात किया गया है।
हजारों प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी
रिपोर्टों के मुताबिक इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए करीब 2 से 3 हजार समर्थक चंडीगढ़ पहुंचे हैं। इनमें से कई प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग को लांघकर शहर के अंदर प्रवेश करने की कोशिश की, जिसके बाद मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा और अधिक मजबूत कर दी गई है। मौके पर मौजूद सुरक्षा बल किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
वाटर कैनन और आंसू गैस तैनात
मुख्यमंत्री आवास, जो कि बैरिकेडिंग वाली जगह से मात्र 200 मीटर की दूरी पर स्थित है, की सुरक्षा में कोई चूक न हो इसके लिए पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस के गोलों को तैयार रखा है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे इलाके में हाई अलर्ट पर हैं और लगातार प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। प्रदर्शनकारी कभी भी बैरिकेड्स के निकट पहुंच सकते हैं, जिसके चलते सुरक्षा घेरा और अधिक सख्त किया गया है।
कौन हैं अमृतपाल सिंह
अमृतपाल सिंह पंजाब के खडूर साहिब निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सांसद हैं। उन्हें सिख धर्म प्रचारक के तौर पर पहचाना जाता है, हालांकि सरकारी एजेंसियां उन पर अलगाववादी और खालिस्तान समर्थक गतिविधियों का आरोप लगाती रही हैं। जहां उनके समर्थक उन्हें सिख अधिकारों का पैरोकार मानते हैं, वहीं कई लोग उनकी विचारधारा को अलगाववाद बढ़ाने वाला करार देते हैं। अमृतपाल सिंह इस समय राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं।
Comments
0 comment