अमित शाह ने खाई झालमुड़ी और लिखा Tangy, Masaledar, Crunchy — सोशल मीडिया ने पढ़ा 'TMC' राष्ट्रीय राजनीति एक महीने पहले 16
भारत मंडपम में एनडीए की बैठक के दौरान अमित शाह ने बंगाल की झालमुड़ी का स्वाद लिया और उसे Tangy, Masaledar तथा Crunchy बताया। इन तीन शब्दों के पहले अक्षरों को जोड़कर लोगों ने इसे TMC यानी तृणमूल कांग्रेस पर सियासी तंज मान लिया।

गृह मंत्री अमित शाह अक्सर इशारों-इशारों में ऐसी बातें कह जाते हैं, जो आगे चलकर सच साबित होती रही हैं। मगर इस बार माजरा थोड़ा अलग रहा। मौका था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिकॉर्ड कार्यकाल का जश्न मनाने का और भारत मंडपम में एनडीए नेताओं की बैठक चल रही थी। वहां देशभर के राज्यों की झलक पेश करने वाले स्टॉल सजाए गए थे। पश्चिम बंगाल के स्टॉल पर राज्य की मशहूर झालमुड़ी परोसी जा रही थी। वहीं पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह ने झालमुड़ी का स्वाद लिया, तस्वीरें खिंचवाईं और फिर उन्हें सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। लेकिन असली बात तस्वीरों से ज्यादा उनके कैप्शन में छिपी थी।

तीन शब्द और बन गया TMC

शाह ने अपनी पोस्ट में लिखा- 'Relished Tangy, Masaledar and Crunchy Jhalmuri at the NDA meeting.' बस फिर क्या था, सोशल मीडिया के 'जासूस' सक्रिय हो गए। लोगों ने इन तीनों शब्दों के पहले अक्षर जोड़े और निकलकर सामने आया एक नाम।

  • T = Tangy
  • M = Masaledar
  • C = Crunchy

यानी TMC! देखते ही देखते यह पोस्ट वायरल हो गई। बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच की टकराहट किसी से छिपी नहीं है, इसलिए लोगों ने इस पोस्ट को सीधे-सीधे राजनीतिक चुटकी की तरह पढ़ना शुरू कर दिया।

पोस्ट में नाम तक नहीं, फिर भी जोड़ लिया तार

दिलचस्प बात यह रही कि पोस्ट में कहीं भी तृणमूल कांग्रेस का जिक्र नहीं था, सिर्फ झालमुड़ी की तारीफ की गई थी। मगर सोशल मीडिया के 'जासूस' कहां रुकने वाले थे। कई यूजर्स ने दावा किया कि शाह ने जान-बूझकर तीन ऐसे अंग्रेजी शब्द चुने, जिनके शुरुआती अक्षर मिलकर TMC बनते हैं।

कमेंट सेक्शन में लग गई यूजर्स की कतार

अमित शाह की इस पोस्ट के नीचे कमेंट्स की बाढ़ आ गई। एक यूजर ने लिखा- 'TMC (Tangy Masaledar Crunchy)… क्या खूब खाए।' दूसरे ने टिप्पणी की- 'अनलिमिटेड लेवल की ट्रोलिंग।' तीसरे यूजर ने लिखा- 'सर रहम भी करो।' किसी ने मजाकिया अंदाज में लिखा- 'अरे बाप रे… TMC ने कभी झालमुड़ी का यह पूरा नाम नहीं सोचा होगा।' कुल मिलाकर सोशल मीडिया को यह लग रहा है कि झालमुड़ी के बहाने तृणमूल कांग्रेस पर तंज कस दिया गया है।

पीएम मोदी की झालमुड़ी से जुड़ी है कहानी

झालमुड़ी की यह कहानी असल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी है। बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान वह एक गांव में सड़क किनारे एक दुकान पर रुके थे और वहां झालमुड़ी का स्वाद लिया था। उनकी वह तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे। बीजेपी नेताओं का मानना है कि इसके बाद बंगाल में पार्टी को राजनीतिक बढ़त मिली और झालमुड़ी एक तरह से 'लकी चार्म' बन गई।

तभी से बीजेपी और एनडीए के कई कार्यक्रमों में झालमुड़ी को खास जगह दी जाती है। पार्टी के कुछ नेता इसे बंगाल में राजनीतिक सफलता और जनसंपर्क के प्रतीक के रूप में भी देखते हैं।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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