अमेरिका ने वेनेजुएला से जब्त किए तेल टैंकर, अब भारत के कबाड़ बाजार में होंगे नष्ट विश्व एक घंटा पहले 4
वेनेजुएला से अमेरिकी सरकार द्वारा जब्त किए गए दो तेल टैंकरों को दुबई की एक कंपनी ने नीलामी में खरीदा है, जिन्हें अब रिसाइकिलिंग के लिए भारत लाया जाएगा।

अमेरिका की कार्रवाई और जहाजों का अंत

वेनेजुएला के साथ जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिका द्वारा जब्त किए गए दो तेल टैंकरों का सफर अब एक अलग मोड़ पर है। अमेरिकी सरकार ने इन जहाजों को नीलाम कर दिया है और अब ये भारत के कबाड़ बाजार में कबाड़ के तौर पर तोड़े जाएंगे। लॉयड्स लिस्ट की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वॉशिंगटन की ओर से की गई सख्ती के बाद कोर्ट के आदेशानुसार इन प्रतिबंधित टैंकरों को नीलाम किया गया है।

दुबई की कंपनी ने की खरीद

इन जहाजों को खरीदने वाली कंपनी दुबई स्थित ग्लोबल मार्केटिंग सिस्टम्स (GMS) है। कंपनी ने पिछले महीने एक अज्ञात राशि का भुगतान करके इन जहाजों का स्वामित्व हासिल किया। जिन दो टैंकरों की बात हो रही है, उनमें से एक 'एरा' है, जिसे पहले 'मैरिनेरा' और 'बेला 1' के नाम से जाना जाता था। दूसरा जहाज 'लिलियो' है, जिसे पूर्व में 'गैलीलियो' और 'वेरोनिका' के नाम से पहचाना जाता था। GMS के CEO अनिल शर्मा ने इस मामले पर बात करते हुए बताया कि अमेरिकी सरकार से हुई यह खरीद पूरी तरह से कानूनी है और इसके लिए कोर्ट से आदेश भी प्राप्त हुए थे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इन जहाजों के पुराने मालिकों के संबंध में कुछ जटिलताएं और अस्पष्टता बनी हुई है, जिसके कारण स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है।

कैसे पकड़े गए ये जहाज?

इन जहाजों को जब्त करने की प्रक्रिया काफी नाटकीय रही थी। जनवरी के महीने में अमेरिकी कोस्ट गार्ड और मिलिट्री स्पेशल फोर्सेस ने आइसलैंड के दक्षिणी हिस्से में रूसी झंडे वाले जहाज 'एरा' को पकड़ा था। यह जहाज अटलांटिक महासागर में कई हफ्तों तक अमेरिकी एजेंसियों से बचकर भागने की कोशिश कर रहा था। दरअसल, यह जहाज वेनेजुएला से तेल के निर्यात पर रोक लगाने के लिए कैरिबियन क्षेत्र में की गई नाकेबंदी से बचकर निकल गया था। उस समय अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि 'एरा' का उपयोग वेनेजुएला और ईरान से प्रतिबंधित तेल की ढुलाई के लिए किया जा रहा था। इसी दौरान, कैरिबियन सागर में ही एक और जहाज पकड़ा गया, जिसे अब 'लिलियो' नाम दिया गया है। इस पर रूस से जुड़े अमेरिकी प्रतिबंध लागू थे।

प्रतिबंध और पहचान बदलने का खेल

यह कोई पहली बार नहीं है जब वेनेजुएला के जहाजों पर गाज गिरी है। अमेरिका द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई के दौरान अब तक कुल 10 तेल टैंकर जब्त किए जा चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधों से बचने के लिए अक्सर ये जहाज अपनी पहचान छिपाने का सहारा लेते हैं। पकड़े जाने से बचने के लिए ये कंपनियां समय-समय पर जहाजों के नाम बदल देती हैं। फिलहाल, भारतीय स्क्रैप यार्ड में इन विशाल टैंकरों का नष्ट होना इस पूरी कानूनी और राजनयिक प्रक्रिया का अंतिम चरण माना जा रहा है। रॉयटर्स की ओर से जब इस मामले पर टिप्पणी के लिए GMS से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो कंपनी की तरफ से फिलहाल कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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