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3 घंटे पहले
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रूस और अमेरिका के बीच गरमाया माहौल
अमेरिका और रूस के बीच के संबंध हमेशा से उतार-चढ़ाव वाले रहे हैं, लेकिन मौजूदा हालात ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। जब एक देश की खुफिया एजेंसी का प्रमुख अचानक दूसरे देश पहुंच जाए, तो अटकलें तेज होना स्वाभाविक है। इस समय अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के प्रमुख जॉन रैटक्लिफ मॉस्को की अप्रत्याशित यात्रा पर हैं। इसी बीच, अमेरिका के आसमान में पांच डूम्सडे विमानों की मौजूदगी ने इस सस्पेंस को और गहरा कर दिया है। लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर पर्दे के पीछे क्या चल रहा है और क्या ये घटनाएं किसी बड़े वैश्विक संकट का संकेत हैं।
क्यों चर्चा में हैं डूम्सडे प्लेन?
मंगलवार का दिन अमेरिकी हवाई क्षेत्र के लिए असामान्य रहा। आसमान में एक साथ कई ऐसे विमान देखे गए, जिन्हें सैन्य शब्दावली में डूम्सडे प्लेन कहा जाता है। ये कोई साधारण विमान नहीं हैं, बल्कि इन्हें परमाणु युद्ध जैसी भयावह स्थितियों में संचालन के लिए तैयार किया गया है। इन विमानों के उड़ान भरने की खबर ऐसे समय में आई जब CIA प्रमुख की मॉस्को यात्रा की पुष्टि हुई। फ्लाइट ट्रैकर के अनुसार, अमेरिका के पश्चिमी और मध्य इलाकों में कम से कम पांच बोइंग E-6 मरक्यूरी विमानों की गतिविधियां दर्ज की गईं। ये विमान बाहर से देखने में आम यात्री विमानों जैसे लग सकते हैं, लेकिन इनकी बनावट और तकनीक पूरी तरह से अलग और बेहद घातक है।
क्या है इन विमानों का असली काम?
इन विमानों का मुख्य उद्देश्य परमाणु हमले के दौरान भी अमेरिकी सैन्य नेतृत्व और समुद्र में तैनात परमाणु मिसाइल पनडुब्बियों के बीच संपर्क बनाए रखना है। इन्हें बोइंग 707 के संशोधित ढांचे पर विकसित किया गया है। इनका डिजाइन इतना मजबूत है कि अगर जमीन पर स्थित सैन्य अड्डों को निशाना बनाया जाता है, तो भी अमेरिकी सैन्य कमांड हवा से ही युद्ध का संचालन कर सके। यही कारण है कि इन विमानों का एक साथ आसमान में दिखना दुनिया भर के रणनीतिकारों के लिए चर्चा का विषय बन गया है।
अजीबोगरीब उड़ान और फ्लाइट डेटा
मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे के बाद सार्वजनिक फ्लाइट ट्रैकिंग सेवाओं ने इन विमानों की हलचल को पकड़ना शुरू किया। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से कई विमानों के कॉल साइन गायब थे या उनके लिए विशेष सैन्य अभ्यास का हवाला दिया गया। हालांकि, किसी भी आधिकारिक स्तर पर किसी आपातकाल की घोषणा नहीं की गई। रिपोर्टों के अनुसार, अलग-अलग विमानों ने विभिन्न ऊंचाइयों पर उड़ान भरी:
- एक E-6 विमान कोलोराडो और वायोमिंग के ऊपर करीब 24,000 फीट की ऊंचाई पर देखा गया।
- दूसरे विमान ने कंसास और ओक्लाहोमा के ऊपर 30,000 फीट की ऊंचाई दर्ज की।
- तीसरा विमान मिसौरी और अर्कांसस के आसमान में 35,000 फीट की ऊंचाई पर था।
- चौथा विमान टेक्सास और ओक्लाहोमा की सीमा के पास लगभग 9500 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था।
CIA प्रमुख की मॉस्को यात्रा और C-17A ग्लोबमास्टर
इन विमानों की सक्रियता को सीधे तौर पर CIA प्रमुख की रूस यात्रा से जोड़कर देखा जा रहा है। उनकी यात्रा के दौरान एक अमेरिकी वायुसेना का C-17A ग्लोबमास्टर III विमान मॉस्को हवाई अड्डे पर उतरा। मौजूदा तनावपूर्ण दौर में इस तरह की हलचल को सामान्य नहीं माना जा रहा है। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन की ओर से इस यात्रा के उद्देश्यों पर पूरी तरह चुप्पी साधी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह दौरा कुछ गोपनीय बैठकों के लिए हुआ है, लेकिन उन बैठकों का विषय पूरी तरह गुप्त रखा गया है।
क्या ये वाकई किसी संकट की शुरुआत है?
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केवल पांच E-6 विमानों का उड़ना ही किसी युद्ध की शुरुआत नहीं माना जाना चाहिए। ये विमान अक्सर नियमित प्रशिक्षण मिशन पर रहते हैं। E-6 मरक्यूरी, जिसे 'टेक चार्ज एंड मूव आउट' के नाम से भी जाना जाता है, का कार्य अमेरिकी परमाणु पनडुब्बियों के साथ संपर्क स्थापित रखना है। इन विमानों में करीब 22 लोगों के बैठने की क्षमता होती है और ये बेहद कम आवृत्ति वाली रेडियो तरंगों का उपयोग करते हैं।
इनकी एक और अनूठी विशेषता है कि इन्हें परमाणु विस्फोट से उत्पन्न होने वाले शक्तिशाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स यानी EMP से बचने के लिए खास तरीके से तैयार किया गया है। यही कारण है कि इसमें काफी हद तक पुरानी एनालॉग तकनीक का सहारा लिया गया है, क्योंकि परमाणु धमाकों से पैदा होने वाली ऊर्जा आधुनिक डिजिटल उपकरणों को पल भर में नष्ट कर सकती है। वर्तमान में जो कुछ भी हो रहा है, वह स्पष्ट रूप से किसी बड़ी कूटनीतिक या रणनीतिक चाल का हिस्सा हो सकता है, जिसकी सच्चाई फिलहाल पर्दे के पीछे है।
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