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2 घंटे पहले
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विचारों
अमेरिका ने ईरान को आर्थिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर पूरी तरह कमजोर करने के लिए एक कठोर रणनीति तैयार कर ली है। कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हुए ताबड़तोड़ ईरानी मिसाइल हमलों और एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद वॉशिंगटन का रुख और सख्त हो गया है।
ट्रंप का जवाबी हमले का ऐलान
इन घटनाओं से नाराज राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज रात ही ईरान पर बड़े हमले का ऐलान कर दिया है। अमेरिकी प्रशासन इसे अपने ठिकानों और सहयोगियों पर हुए हमलों का सीधा जवाब बता रहा है।
आर्थिक मोर्चे पर सख्त चेतावनी
सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ अमेरिका ने आर्थिक दबाव भी तेज कर दिया है। वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने 'इकोनॉमिक हंटर' का रुख अपनाते हुए साफ चेतावनी दी है कि खाड़ी देशों को हुए नुकसान की पाई-पाई वसूली जाएगी।
जब्त ईरानी फंड से होगी भरपाई
बेसेंट के मुताबिक, दुनिया भर में जब्त पड़े करीब 100 अरब डॉलर के ईरानी फंड से यह रकम जबरन वसूल की जाएगी और इसे 'गल्फ दोस्तों' यानी खाड़ी के सहयोगी देशों में बांट दिया जाएगा। इस तरह ईरान की मेहनत की कमाई का इस्तेमाल अमेरिका अपने मित्र देशों की भरपाई के लिए करने की योजना बना रहा है।
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