वेस्ट बैंक में अमेरिकी सांसद रो खन्ना को 90 मिनट तक बनाया गया बंधक, राइफल के दम पर रोका रास्ता विश्व एक महीने पहले 67
भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना फिलिस्तीन यात्रा के दौरान एक डरावने अनुभव से गुजरे, जब इजरायली बस्ती के हथियारबंद लोगों ने उन्हें और उनके साथियों को करीब डेढ़ घंटे तक बंधक बनाकर रखा।

वेस्ट बैंक में खौफनाक अनुभव

अमेरिका के कैलिफोर्निया से डेमोक्रेट सांसद रो खन्ना को एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय घटना का सामना करना पड़ा है। फिलिस्तीन की अपनी हालिया यात्रा के दौरान, रो खन्ना को दक्षिणी वेस्ट बैंक के खिरबेट जनुता गांव के खंडहरों में हथियारबंद लोगों ने बंधक बना लिया। यह घटना बुधवार को घटी जब वह इलाके का दौरा कर रहे थे। रो खन्ना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि इजरायली बस्ती में रहने वाले हथियारबंद लोगों ने उन्हें और उनके साथ मौजूद अन्य अमेरिकी नागरिकों को अपनी गिरफ्त में ले लिया था।

राइफल तानकर रोका रास्ता

सांसद के अनुसार, उन हथियारबंद लोगों के हाथों में अमेरिकी निर्मित M4 राइफलें थीं, जिन्हें लहराते हुए उन्होंने खन्ना और उनके साथियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। स्थिति तब और अधिक तनावपूर्ण हो गई जब वहां इजरायली रक्षा बल यानी IDF के जवान पहुंचे। रो खन्ना का आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद IDF के जवानों ने उन हथियारबंद लोगों का साथ दिया और उनके प्रतिनिधिमंडल को बंधक बनाए रखा। सांसद ने इस घटना को एक बहुत बड़ी गलती करार दिया है।

90 मिनट तक महसूस की बेबसी

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान वहां मौजूद द न्यूयॉर्क टाइम्स के एक फोटोग्राफर ने भी स्थिति की गंभीरता को बयां किया। सांसद रो खन्ना ने कहा कि उस समय उन्होंने काफी असहाय महसूस किया। उन्होंने कहा कि उनके जीवन में उन्हें तमाम सुविधाएं और विशेषाधिकार मिले हैं, इसलिए ऐसी बेबसी का अनुभव उनके लिए बहुत अलग था। रो खन्ना ने आगे सवाल खड़ा करते हुए कहा कि अगर एक अमेरिकी सांसद के साथ ऐसा हो सकता है, तो जरा कल्पना कीजिए कि कब्जे के साये में जी रहे आम फिलिस्तीनी लोग हर दिन किस तरह का खौफ और दबाव महसूस करते होंगे। खन्ना और उनके दल को कुल 90 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया था।

दूतावास की दखल के बाद मिली रिहाई

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी दूतावास और इजरायली पुलिस के बीच उच्च-स्तरीय बातचीत और कूटनीतिक हस्तक्षेप के बाद ही रो खन्ना और उनके साथियों को वहां से निकलने की अनुमति मिली। इस हस्तक्षेप के बाद ही वे अपनी यात्रा को आगे बढ़ा सके। यह घटना अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि एक विदेशी सांसद के साथ इस तरह का व्यवहार सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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