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एक दिन पहले
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सुरक्षा के नाम पर बड़ा खतरा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस्तेमाल के लिए तैयार किए गए नए एयर फोर्स वन विमान को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। इस विमान के अंदर की स्थिति और सुरक्षा इंतजामों को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, इस विमान में फिलहाल कोई भी एंटी-मिसाइल डिफेंस सिस्टम मौजूद नहीं है। यह गंभीर सुरक्षा चूक खुद डोनाल्ड ट्रंप ने भी स्वीकार की है, जो राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चिंता का विषय है।
2500 करोड़ का निवेश और खस्ताहाल विमान
इस विमान को तैयार करने में 2500 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि खर्च की गई है, लेकिन इसके बावजूद विमान की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है। विमान में सफर कर चुके एक यात्री ने इसके अंदरूनी हालात की कलई खोल दी है। यात्री के अनुसार, विमान में कई ऐसी कमियां हैं जो किसी वीआईपी विमान के मानकों से कोसों दूर हैं। विमान की सीढ़ियां ढीली और झूलती हुई पाई गई हैं। इसके अलावा, एयर कंडीशनिंग सिस्टम से ठंडी हवा के बजाय गर्म हवा आ रही है, जिससे यात्रियों और चालक दल का सफर मुश्किल हो गया है। सामान रखने वाली जगहों पर भी बदइंतजामी का आलम है, जहां रहस्यमयी तरीके से कूलर्स रखे गए हैं।
शाही तोहफे पर उठे सवाल
यह विमान कतर के शाही परिवार से तोहफे के तौर पर मिला था। एक तरफ इस विमान के रखरखाव और तकनीकी उन्नयन पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए, तो दूसरी तरफ इसकी बुनियादी सुविधाएं ही खस्ताहाल स्थिति में हैं। इस घटना ने अमेरिकी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने बड़े बजट और वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल के बावजूद विमान का इस तरह से बदहाल स्थिति में होना देश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भविष्य में इन खामियों को दूर करने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाता है।
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