प्रशांत महासागर में लाला तूफान का कहर, 137 KMPH की रफ्तार से हवाई की ओर बढ़ रहा खतरा विश्व एक घंटा पहले 8
प्रशांत महासागर में सक्रिय लाला तूफान अमेरिका के हवाई द्वीप समूह के बेहद करीब पहुंच गया है, जिसके चलते राज्य में आपातकाल लागू कर दिया गया है।

हवाई की ओर बढ़ रहा खतरनाक तूफान

अमेरिका के हवाई द्वीप समूह पर इस समय प्रकृति का एक भयंकर रूप मंडरा रहा है। लाला नामक एक शक्तिशाली तूफान प्रशांत महासागर में तेजी से विकसित होकर हवाई की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस तूफान के शनिवार को बिग आईलैंड से टकराने की पूरी संभावना है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस दौरान हवाओं की गति 137 KMPH तक पहुंच सकती है। इस तूफान के कारण भीषण हवाओं के साथ ही मूसलाधार बारिश और समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों का खतरा पैदा हो गया है, जिसने स्थानीय प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

आपातकाल की घोषणा और अलर्ट

तूफान के खतरे को देखते हुए हवाई के गवर्नर ने राज्य में आधिकारिक तौर पर आपातकाल लागू कर दिया है। प्रशासन ने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है और उनसे अपील की है कि वे समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाएं और आपदा से निपटने के लिए अपनी तैयारियां पूरी रखें। हवाई काउंटी में हरीकेन वॉर्निंग जारी की गई है, वहीं माउई, मोलोकाई और काहूतोवा जैसे क्षेत्रों में तेज तूफान की चेतावनी लागू है। अन्य द्वीपों पर भी स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है और अलर्ट का स्तर ऊंचा रखा गया है।

भारी बारिश और जलस्तर बढ़ने की आशंका

मौसम विभाग NOAA के पूर्वानुमान के अनुसार, माउई और बिग आईलैंड के कई हिस्सों में 30 सेंटीमीटर तक बारिश होने की संभावना है, जबकि हवाई के कुछ विशेष इलाकों में यह आंकड़ा 64 सेंटीमीटर तक जा सकता है। भारी बारिश के अलावा समुद्र के जलस्तर में भी असामान्य उछाल देखने को मिल सकता है। अनुमान है कि समुद्र का पानी सामान्य स्तर से 0.3 से 0.9 मीटर तक ऊपर उठ सकता है, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। खराब मौसम की यह स्थिति कम से कम रविवार तक बनी रह सकती है।

प्रशासन की सलाह और बचाव कार्य

आपातकाल घोषित करने का मुख्य उद्देश्य राहत और बचाव कार्यों के लिए संसाधनों को जुटाना और उन्हें प्राथमिकता देना है। गवर्नर के अनुसार, इससे सड़कों से मलबा हटाने और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखने का काम युद्ध स्तर पर किया जा सकेगा। हवाई की इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी ने आम जनता को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लोगों को अपने घरों की नालियों और गटर की सफाई करने, कीमती सामानों को ऊंचाई पर रखने, दरवाजों के खुले हिस्सों को मजबूती से बंद करने और घर के आसपास मौजूद पेड़ों की खतरनाक शाखाओं को हटाने की सलाह दी गई है। साथ ही, नागरिकों से समुद्र तट और तटीय क्षेत्रों से पूरी तरह दूर रहने के लिए कहा गया है।

अल नीनो से स्थिति और विकट

यह लाला तूफान ऐसे समय में आया है जब प्रशांत महासागर में एक अत्यंत शक्तिशाली एल नीनो सक्रिय है। NOAA के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अक्टूबर से दिसंबर के बीच इसके ऐतिहासिक रूप से अत्यधिक मजबूत होने की 69 प्रतिशत संभावना है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु में हो रहे बदलावों के कारण समुद्री तापमान बढ़ रहा है, जिससे वातावरण में अधिक ऊर्जा और नमी जमा हो रही है। यही कारण है कि लाला जैसे तूफान और अधिक घातक साबित हो रहे हैं। समुद्र का गर्म होना और हवा में नमी की अधिकता के कारण भारी बारिश का खतरा और भी गंभीर रूप ले चुका है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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