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एक घंटा पहले
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सुरक्षा कारणों से बदला विमान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में तुर्की से ब्रिटेन की यात्रा के दौरान विमान बदलने की घटना पर बड़ा खुलासा किया है। ट्रंप ने स्वीकार किया है कि उन्हें ईरानी धमकियों और सुरक्षा संबंधी गंभीर खतरों के कारण अपना बोइंग विमान छोड़ना पड़ा था। उन्होंने बताया कि उनकी सुरक्षा के लिए तैनात सीक्रेट सर्विस और अमेरिकी सेना ने उन्हें विमान बदलने की सख्त सलाह दी थी, जिसका उन्होंने पालन किया।
सीक्रेट सर्विस पर जताया भरोसा
ओहायो से वापसी के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि उन्हें सुरक्षा एजेंसियों से इनपुट मिला था, जिसके बाद उन्होंने बिना किसी सवाल के निर्देशों का पालन करना ही उचित समझा। ट्रंप के अनुसार, जब भी उनकी सुरक्षा टीम उन्हें कोई निर्णय लेने के लिए कहती है, तो वह उस पर पूरा भरोसा जताते हैं और सुरक्षा अधिकारियों के सुझाव को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उस समय खतरे की गहराई को जानने के बजाय सुरक्षित स्थान पर पहुंचना उनकी पहली प्राथमिकता थी।
अक्सर मिलती हैं धमकियां
ट्रंप ने बताया कि एक राष्ट्रपति के तौर पर उन्हें आए दिन धमकियां मिलती रहती हैं और इस बार भी तुर्की में संभावित सुरक्षा खतरे को देखते हुए अधिकारियों ने सावधानी बरतने का फैसला लिया था। सीक्रेट सर्विस के निर्देशों के अनुसार, उन्होंने अपने मुख्य विमान बोइंग को छोड़कर C-32A विमान का उपयोग किया। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने वही किया जो उस स्थिति में सुरक्षा के दृष्टिकोण से सबसे ज्यादा जरूरी था। इस पूरी प्रक्रिया में उन्होंने सुरक्षा प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन किया, क्योंकि उन्हें अपनी सुरक्षा एजेंसियों की कार्यक्षमता और सलाह पर पूरा भरोसा है। फिलहाल, इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
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