ट्रंप की लोकप्रियता में बड़ी गिरावट, महंगाई और ईरान युद्ध पर सर्वे ने बाइडेन से भी कमजोर बताया विश्व 3 महीने पहले 46
रॉयटर्स-इप्सोस के ताजा सर्वे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अनुमोदन दर सिर्फ 35 प्रतिशत रह गई है, जबकि महंगाई से निपटने के उनके तरीके से 70 प्रतिशत अमेरिकी असंतुष्ट हैं। ईरान युद्ध और बढ़ती ईंधन कीमतें ट्रंप प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की साख को एक बार फिर बड़ा धक्का लगा है। ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच उनकी लोकप्रियता लगातार नीचे की ओर खिसक रही है और अमेरिकी जनता उनसे नाराज होती दिख रही है। ट्रंप की अनुमोदन दर अब उनके राजनीतिक जीवन के सबसे निचले स्तर के बेहद करीब पहुंच चुकी है। युद्ध की वजह से बढ़ती ईंधन कीमतों और महंगाई को लेकर अमेरिकी मतदाताओं में गहरी निराशा फैली हुई है।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स और इप्सोस की ओर से कराए गए ताजा सर्वे में सामने आया कि वाइट हाउस में ट्रंप के प्रदर्शन को सिर्फ 35 प्रतिशत लोगों ने ही मंजूरी दी, यानी केवल इतने ही अमेरिकी उनके कामकाज से संतुष्ट हैं। यह आंकड़ा अप्रैल के सर्वे में दर्ज 34 प्रतिशत के निचले स्तर के बेहद नजदीक है और दिसंबर 2017 में ट्रंप के पहले कार्यकाल के सर्वकालिक न्यूनतम 33 प्रतिशत के भी पास पहुंच गया है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर घिरे ट्रंप

रिपब्लिकन नेता ट्रंप को ईरान युद्ध और लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल कीमतों को लेकर तीखी आलोचना झेलनी पड़ रही है। युद्ध के 100 दिन पूरे हो जाने के बाद भी वे ईरान के साथ कोई शांति समझौता नहीं कर सके हैं, जिसके चलते समय-समय पर ऊर्जा की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है।

हाल के हफ्तों में युद्ध समाप्त होने की उम्मीद के चलते कीमतों में मामूली कमी जरूर आई है, लेकिन सर्वे के अनुसार करीब 59 प्रतिशत लोग मानते हैं कि अगले साल गैस की कीमतें और ऊपर जाएंगी। वहीं सिर्फ 17 प्रतिशत लोगों का कहना है कि स्थिति सुधरेगी, जबकि शेष लोग कीमतों को लेकर अनिश्चित नजर आए।

अमेरिका और इजरायल ने किया था ईरान पर हमला

डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के साथ मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर सैन्य कार्रवाई की थी, जिससे पूरी दुनिया में हलचल मच गई थी। जवाब में ईरान ने भी पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर पलटवार किया। इसके साथ ही उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को भी बंद कर दिया। दुनिया का पांचवां हिस्सा तेल जिस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरता है, वह अब भी बंद पड़ा है और इसी कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर असर पड़ा है।

महंगाई पर 70 प्रतिशत जनता नाराज

सर्वे बताता है कि महंगाई से निपटने के ट्रंप के तरीके से 70 प्रतिशत लोग असंतुष्ट हैं। आंकड़ों के मुताबिक घरेलू महंगाई से निपटने के उनके तरीके को सिर्फ 22 प्रतिशत लोगों ने ही सही माना, जबकि 70 प्रतिशत लोगों ने इसे साफ तौर पर नकार दिया। इसका मतलब है कि अधिकांश अमेरिकियों को लगता है कि मौजूदा हालात ट्रंप के बस से बाहर होते जा रहे हैं।

बाइडेन से भी कमजोर दिखे ट्रंप

यह सर्वे ट्रंप के लिए बड़ा झटका इसलिए भी है क्योंकि उनके पूर्ववर्ती राष्ट्रपति जो बाइडेन को महंगाई के मुद्दे पर 29 प्रतिशत समर्थन और 63 प्रतिशत अस्वीकृति मिली थी। इन आंकड़ों के आधार पर ट्रंप जो बाइडेन से भी कमजोर साबित होते दिख रहे हैं, जिन्होंने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव से खुद को अलग कर लिया था।

बाइडेन को कई वर्षों तक ऊंची महंगाई से जूझना पड़ा था, जिसका खामियाजा डेमोक्रेट्स को 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में हार के रूप में भुगतना पड़ा। ट्रंप ने महंगाई और लगातार ऊंची ईंधन कीमतों को काबू में करने का वादा किया था, मगर यही मुद्दे अब नवंबर के मध्यावधि चुनाव में उनकी पार्टी की उम्मीदों पर भारी पड़ते नजर आ रहे हैं।

ईरान पर हुए अमेरिकी हमलों को लेकर 36 प्रतिशत अमेरिकियों ने इन्हें मंजूरी दी, जबकि 25 प्रतिशत लोगों का मानना है कि इन हमलों के फायदे उनकी लागत के मुकाबले अधिक रहे।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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