भारत में बनेगा ओप्पो, वनप्लस और रियलमी का स्मार्टफोन, अंबर एंटरप्राइजेज ने कसी कमर व्यापार 5 घंटे पहले 7
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया जल्द ही ओप्पो, वनप्लस और रियलमी के फोन भारत में तैयार करेगी, जिसका लक्ष्य पहले साल 80 लाख यूनिट बनाना है।

भारत में मोबाइल उत्पादन का बड़ा कदम

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग सर्विस क्षेत्र की जानी-मानी कंपनी अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया अब देश में स्मार्टफोन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। कंपनी चीन के प्रमुख स्मार्टफोन ब्रांड ओप्पो, वनप्लस और रियलमी के लिए भारत में मोबाइल फोन का निर्माण करेगी। इस साझेदारी के बारे में जानकारी देते हुए कंपनी के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और सीईओ जसबीर सिंह ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए रूपरेखा तैयार कर ली गई है। उनके अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की चौथी तिमाही में ट्रायल प्रोडक्शन की शुरुआत हो सकती है, जबकि बड़े स्तर पर कमर्शियल प्रोडक्शन की शुरुआत वित्त वर्ष 2027-28 की पहली तिमाही तक होने की उम्मीद है।

पहले साल 80 लाख स्मार्टफोन का उत्पादन

अंबर एंटरप्राइजेज ने इस प्रोजेक्ट के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं। कंपनी का अनुमान है कि शुरुआती वर्ष में लगभग 80 लाख स्मार्टफोन का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद उत्पादन क्षमता को धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा, ताकि दूसरे साल तक यह आंकड़ा 1.5 से 1.6 करोड़ यूनिट के स्तर तक पहुंच जाए। इस नए मोबाइल वर्टिकल को संभालने के लिए कंपनी ने एक चीफ ऑपरेशनल ऑफिसर यानी COO की नियुक्ति भी कर दी है। जसबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि ओप्पो मोबाइल्स इंडिया के साथ हुआ यह मैन्यूफैक्चरिंग एग्रीमेंट ओप्पो, वनप्लस और रियलमी तीनों ब्रांड्स के लिए लागू होगा।

एसेट-लाइट मॉडल पर चीनी कंपनियों का जोर

जानकारों का मानना है कि स्मार्टफोन कंपनियों का यह रुख भारत में एसेट-लाइट मॉडल को बढ़ावा देने वाला है। इसका सीधा सा अर्थ है कि ये बड़ी कंपनियां अब खुद की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स के बजाय भारत की स्थानीय इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण इकाइयों पर अधिक निर्भर हो रही हैं, ताकि उत्पादन को सुव्यवस्थित किया जा सके।

कच्चे माल की कीमतों और भविष्य की योजना

दूसरी ओर, अंबर एंटरप्राइजेज के पीसीबी बिजनेस में कॉपर-क्लैड लैमिनेट यानी CCL की बढ़ती कीमतों के कारण मुनाफे पर कुछ दबाव देखा जा रहा है। कंपनी ने जानकारी दी है कि बढ़ी हुई लागत का असर ग्राहकों तक पहुंच रहा है, हालांकि इसमें समय का अंतराल रहता है। जसबीर सिंह ने संकेत दिया कि एआई और डेटा सेंटर की बढ़ती वैश्विक मांग के चलते सीसीएल की कमी बनी रह सकती है और कीमतों में आगे भी तेजी आ सकती है। इस चुनौती से निपटने के लिए कंपनी ने वित्त वर्ष 2029-30 तक अपना खुद का सीसीएल प्लांट स्थापित करने की योजना तैयार की है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में भारत के स्मार्टफोन बाजार में विवो की हिस्सेदारी 17.8 प्रतिशत, सैमसंग की 17.6 प्रतिशत और ओप्पो की 13.6 प्रतिशत रही है। यदि आईक्यूओओ, रियलमी और वनप्लस को मिला दिया जाए, तो विवो और ओप्पो ग्रुप की कुल हिस्सेदारी 45.6 प्रतिशत तक पहुंच जाती है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप