अमरनाथ यात्रा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण की शुरुआत, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा दिखाएंगे पहले जत्थे को हरी झंडी जम्मू-कश्मीर 2 महीने पहले 76
बाबा बर्फानी की यात्रा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण प्रक्रिया बुधवार से शुरू कर दी गई है और इसके लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। जम्मू के आधार शिविर से उपराज्यपाल मनोज सिन्हा यात्रा के पहले जत्थे को रवाना करेंगे।

पंजीकरण के लिए केंद्रों पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

जम्मू में बाबा अमरनाथ की पवित्र यात्रा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया बुधवार को आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। हालांकि पंजीकरण की औपचारिक शुरुआत होने से एक दिन पहले से ही बड़ी संख्या में तीर्थयात्री निर्धारित केंद्रों पर अपनी बारी का इंतजार करते देखे गए। इस यात्रा को लेकर भक्तों में भारी उत्साह है। जम्मू के भगवती नगर स्थित यात्री निवास आधार शिविर से उपराज्यपाल मनोज सिन्हा आगामी 3 जुलाई को तीर्थयात्रियों के पहले दल को विधिवत रूप से रवाना करेंगे।

कुल 57 दिनों तक जारी रहेगी यात्रा

अमरनाथ गुफा मंदिर समुद्र तल से 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल की यात्रा कुल 57 दिनों की होगी। यह यात्रा दो प्रमुख मार्गों से पूरी की जाएगी जिसमें अनंतनाग जिले का पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा नुनवां-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले का 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग शामिल है। बालटाल मार्ग छोटा होने के बावजूद काफी खड़ी चढ़ाई वाला और चुनौतीपूर्ण माना जाता है। विभाग के अनुसार, अब तक करीब 4 लाख श्रद्धालु ऑनलाइन माध्यम से अपना पंजीकरण पूरा कर चुके हैं।

बदलते मौसम के बीच अटूट आस्था

बीते दिन रातभर हुई बारिश के बाद जम्मू के मौसम में काफी ठंडक आ गई है और माहौल सुहावना हो गया है। हालांकि, मौसम में आए इस बदलाव का श्रद्धालुओं के जोश पर कोई असर नहीं पड़ा है। पंजीकरण पास प्राप्त करने के लिए भक्त भोर होने से पहले ही केंद्रों के बाहर लंबी कतारों में लग गए। टोकन रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए मौके पर ही पंजीकरण की प्रक्रिया बुधवार सुबह से शुरू कर दी गई। इसके अलावा, देश के विभिन्न कोनों से जम्मू पहुंच रहे तीर्थयात्रियों के लिए लगातार दूसरे दिन भी टोकन वितरण का काम जारी रहा।

कहां बनाए गए हैं पंजीकरण काउंटर

प्रशासन ने पंजीकरण और टोकन वितरण के लिए शहर में विशेष स्थान तय किए हैं। ये केंद्र तवी नदी के किनारे जम्मू कृत्रिम झील के निकट गीता भवन, राम मंदिर और भगवती नगर क्षेत्र में स्थापित किए गए हैं। बृहस्पतिवार की सुबह भगवती नगर स्थित आधार शिविर से श्रद्धालुओं का पहला जत्था कड़ी सुरक्षा के बीच अपनी यात्रा के लिए प्रस्थान करेगा।

भक्तों का अनोखा अनुभव और आस्था

पंजीकरण केंद्रों पर उत्तर प्रदेश के निवासी संधू राम किशन का स्वरूप हर किसी का ध्यान खींच रहा था। उन्होंने अपने सिर और सीने पर रुद्राक्ष के साथ-साथ कई देशों के सिक्कों की माला पहन रखी थी। अपनी आस्था व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि रुद्राक्ष ही असली आध्यात्मिक शक्ति है। उन्होंने बताया कि वे साल 2006 से लगातार इस गुफा के दर्शन के लिए आ रहे हैं और उन्होंने 14 वर्षों तक मौन व्रत का पालन भी किया है। उनके मन में यह गहरी कामना है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक दिन देश का नेतृत्व करें।

जयकारों से गूंजे पंजीकरण केंद्र

पंजीकरण केंद्रों पर हर तरफ 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारे सुनाई दे रहे थे। भक्त बड़े धैर्य के साथ अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। पुणे से आए एक छह सदस्यीय परिवार की सदस्य अनुष्का ने बताया कि उन्होंने लंबे समय से इस यात्रा की कल्पना की थी। उनके पिता पिछले 10 वर्षों से नियमित रूप से यह यात्रा कर रहे हैं। अनुष्का ने साझा किया कि उनके पिता अगले वर्ष 70 वर्ष के हो जाएंगे, इसलिए उन्होंने संकल्प लिया है कि वे सब साथ मिलकर इस कठिन यात्रा को पूर्ण करेंगे। राजस्थान से आए तीर्थयात्री नीलू सांगानी ने भी कहा कि बाबा बर्फानी के दर्शन करना और वहां पूजा-अर्चना करना ही उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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