उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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देश में बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक, परीक्षाओं में अनियमितता और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर कांग्रेस अब बड़े पैमाने पर मैदान में उतरने की तैयारी में है। पार्टी ने सड़क से लेकर संसद तक इन सवालों को उठाने का फैसला किया है और इसी कड़ी में एक देशव्यापी अभियान की रूपरेखा तैयार की गई है। इस पूरे अभियान की कमान खुद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संभालेंगे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने बताया कि राहुल गांधी इस राष्ट्रव्यापी अभियान का नेतृत्व स्वयं करेंगे। उनके अनुसार, राहुल गांधी 17 जून से राजस्थान के कोटा से इसकी शुरुआत करेंगे और इसके बाद 10 जुलाई को प्रयागराज, 11 जुलाई को पटना तथा 14 जुलाई को दिल्ली में विशाल छात्र सम्मेलनों के जरिए युवाओं से सीधा संवाद करेंगे।
मल्लिकार्जुन खड़गे के मार्गदर्शन में चलेगा अभियान
कांग्रेस की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के मार्गदर्शन और राहुल गांधी के नेतृत्व में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पेपर लीक, परीक्षाओं में अनियमितता, बढ़ती बेरोजगारी और युवाओं के साथ हुए भेदभाव के खिलाफ यह आंदोलन चलाएगी। फिलहाल इसके पहले चरण की घोषणा की गई है।
संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, छात्रों और युवाओं के सबसे भरोसेमंद पक्षधर के रूप में उभरे राहुल गांधी अलग-अलग राज्यों में पहुंचकर बड़े छात्र सम्मेलनों का आयोजन करेंगे।
आंदोलन का पूरा कार्यक्रम
पहले चरण के लिए तय किया गया कार्यक्रम इस प्रकार है:
- 17 जून: राजस्थान के कोचिंग हब कोटा से इस राष्ट्रव्यापी अभियान का शंखनाद होगा।
- 10 जुलाई: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) में युवाओं का महा-संगम आयोजित किया जाएगा।
- 11 जुलाई: बिहार की राजधानी पटना में छात्र सम्मेलन के जरिए युवाओं को एकजुट किया जाएगा।
- 14 जुलाई: देश की राजधानी दिल्ली में एक विशाल छात्र संवाद के साथ इस आंदोलन के पहले चरण का समापन होगा।
कौन-कौन होगा शामिल
इन सम्मेलनों में सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी, युवा संगठन, प्रख्यात शिक्षक, शिक्षाविद् और वे तमाम आम लोग शामिल होंगे जो किसी न किसी रूप में इन परीक्षा घोटालों से सीधे प्रभावित हुए हैं।
युवाओं की पीड़ा पर रहेगा फोकस
कांग्रेस का कहना है कि यह अभियान लाखों युवा भारतीयों की मानसिक और आर्थिक मुश्किलों पर केंद्रित रहेगा। पार्टी का आरोप है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक, परीक्षाओं की लगातार बढ़ती लागत और पारदर्शी भर्ती प्रणाली में अनियमितताओं ने युवाओं के भविष्य को दांव पर लगा दिया है।
राहुल गांधी का मानना है कि भारत के युवाओं की आकांक्षाओं को भ्रष्टाचार, अक्षमता या राजनीतिक उदासीनता की भेंट कभी नहीं चढ़ने देना चाहिए। इसी सोच के साथ यह आंदोलन राजनीतिक दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर सभी छात्रों को एक साझा मंच उपलब्ध कराएगा।
NSUI और यूथ कांग्रेस झोंकेंगी ताकत
इस अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए कांग्रेस ने अपनी सभी इकाइयों को सक्रिय कर दिया है। राहुल गांधी के आह्वान पर देशभर में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया, यूथ कांग्रेस, प्रदेश कांग्रेस कमेटियों, जिला कमेटियों और स्थानीय इकाइयों के जरिए बड़े पैमाने पर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
इसके तहत कोचिंग सेंटरों, विश्वविद्यालयों, स्कूलों और यूथ हब्स में पहुंचकर छात्रों को भौतिक और डिजिटल निमंत्रण दिए जाएंगे। साथ ही सोशल मीडिया अभियानों और लाइव स्क्रीनिंग के माध्यम से राहुल गांधी की आवाज देश के कोने-कोने तक पहुंचाई जाएगी।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
राहुल गांधी पहले भी जिन मांगों को उठाते रहे हैं, उन्हीं को लेकर पार्टी सड़कों पर उतरेगी:
- नीट (NEET) परीक्षा का विकेंद्रीकरण किया जाए।
- विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वसूले जाने वाले भारी-भरकम परीक्षा शुल्क को पूरी तरह समाप्त किया जाए।
- पेपर लीक रैकेट और घोटालों में शामिल माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
- सरकार के सर्वोच्च स्तर पर जवाबदेही तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री का तुरंत इस्तीफा लिया जाए।
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