एयर इंडिया का बड़ा ऐलान: अमेरिका और यूरोप की उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज में भारी कटौती व्यापार 2 महीने पहले 74
एयर इंडिया ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया जाने वाली फ्लाइट्स पर फ्यूल सरचार्ज घटा दिया है। यह नई दरें 1 जुलाई से प्रभावी हो गई हैं।

यात्रियों के लिए अच्छी खबर

लंबे समय से हवाई यात्रा के महंगे होने से परेशान यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। एयर इंडिया ने अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए वसूले जाने वाले अस्थायी फ्यूल सरचार्ज में कटौती करने का बड़ा निर्णय लिया है। यह बदलाव मुख्य रूप से अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के रूट्स पर लागू किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी के बाद विमानन कंपनी ने यह कदम उठाया है। एयर इंडिया की ओर से घोषित की गई ये नई दरें 1 जुलाई से प्रभावी हो चुकी हैं। हालांकि, वर्तमान में घरेलू उड़ानों और अन्य अंतरराष्ट्रीय रूटों पर किराये में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

नई दरों का गणित

एयर इंडिया ने लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए सरचार्ज की राशि में काफी कमी की है। आंकड़ों के अनुसार, उत्तर अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जाने वाली उड़ानों पर अब यात्रियों को प्रति टिकट 200 डॉलर का फ्यूल सरचार्ज देना होगा, जो पहले 280 डॉलर था। इसी प्रकार, यूरोप और यूनाइटेड किंगडम की यात्रा करने वाले यात्रियों को अब 125 डॉलर का शुल्क देना होगा, जबकि पहले यह राशि 205 डॉलर निर्धारित थी। इस कटौती से उन यात्रियों को काफी फायदा होने की उम्मीद है जो आने वाले समय में इन देशों की यात्रा की योजना बना रहे हैं।

क्यों कम करना पड़ा सरचार्ज?

गौरतलब है कि अप्रैल के महीने में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और हवाई क्षेत्र पर लगी पाबंदियों के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमतें आसमान छू रही थीं। बढ़ते खर्चों की भरपाई के लिए एयर इंडिया ने 7 अप्रैल को एक अस्थायी फ्यूल सरचार्ज लागू किया था, जिसे 10 अप्रैल से प्रभावी किया गया था। अब पिछले कुछ हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के चलते विमानन कंपनी की परिचालन लागत में सुधार हुआ है, जिसके बाद ग्राहकों को राहत देने का निर्णय लिया गया है।

क्या अन्य रूट पर भी सस्ता होगा सफर?

फिलहाल एयर इंडिया ने अपनी राहत केवल चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय रूटों तक ही सीमित रखी है। घरेलू उड़ानों और अन्य अंतरराष्ट्रीय रूटों पर पुराने सरचार्ज ही लागू रहेंगे, इसलिए वहां किराये में तत्काल किसी बदलाव की उम्मीद नहीं है। इसके अलावा, टिकट की अंतिम कीमत केवल फ्यूल सरचार्ज पर निर्भर नहीं करती है। इसमें बेस फेयर, सरकारी टैक्स, मांग और सीटों की उपलब्धता जैसे कई अन्य कारक भी शामिल होते हैं। इसलिए बुकिंग के दौरान दिखाई देने वाला कुल किराया ही यह तय करेगा कि यात्रा कितनी सस्ती या महंगी होगी।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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