अगले 5 साल में अदाणी ग्रुप का बड़ा दांव, पावर और ग्रीन एनर्जी में होगा भारी निवेश व्यापार 2 घंटे पहले 6
अदाणी एंटरप्राइजेज की 34वीं सालाना बैठक में गौतम अदाणी ने अपने भविष्य के निवेश का खाका पेश किया है, जिसमें पोर्ट से लेकर परमाणु ऊर्जा तक के विस्तार पर जोर दिया गया है।

अदाणी ग्रुप की भविष्य की राह

अदाणी एंटरप्राइजेज की 34वीं सालाना आम बैठक के दौरान चेयरमैन गौतम अदाणी ने कंपनी की भावी विकास रणनीति को साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के बदलते दौर में अदाणी ग्रुप अपनी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के माध्यम से देश की प्रगति को नई गति देने के लिए तैयार है। उन्होंने पोर्ट, ग्रीन एनर्जी, न्यूक्लियर पावर और डेटा सेंटर के क्षेत्रों में बड़े निवेश की योजनाएं पेश कीं।

पावर सेक्टर में देश का सबसे बड़ा निवेश

गौतम अदाणी ने पावर सेक्टर के लिए निजी क्षेत्र के अब तक के सबसे बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर प्रोग्राम की घोषणा की है। ग्रुप का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में 55 गीगावॉट की क्षमता हासिल करना है। इसके लिए 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। वहीं, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस की ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक 72,000 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई है।

पोर्ट और परमाणु ऊर्जा में कदम

वित्त वर्ष 2025-26 यानी FY26 में अदाणी पोर्ट ने 500 मिलियन टन से अधिक कार्गो को संभालकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। ग्रुप का लक्ष्य साल 2030 तक इस क्षमता को 1 बिलियन टन तक पहुंचाना है। इसके साथ ही, कंपनी अब अदाणी एटॉमिक एनर्जी के जरिए परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में प्रवेश कर रही है। साल 2035 तक 10 गीगावॉट परमाणु क्षमता तैयार करने के लिए जमीन का चयन भी कर लिया गया है।

वित्तीय आंकड़े और प्रदर्शन

अदाणी ग्रुप ने अपने वित्तीय नतीजों में मजबूत वृद्धि दर्ज की है:

  • कुल पोर्टफोलियो रेवेन्यू 2.92 लाख करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 7.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
  • ग्रुप का EBITDA 94,834 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
  • कर पश्चात लाभ (PAT) 13.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 46,376 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
  • कुल कैश फ्लो 67,995 करोड़ रुपये रहा।

रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर

ग्रुप ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान हार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर में 1.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का पूंजी निवेश किया है, जो देश के कुल निजी क्षेत्र के कैपेक्स का 30 प्रतिशत से अधिक है। रक्षा क्षेत्र में भी ग्रुप ने अपने ड्रोन्स, मिसाइल और एंटी-ड्रोन सिस्टम के जरिए भारतीय सशस्त्र बलों को महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया है। इसके अलावा, भूटान के साथ 5000 मेगावाट की हाइड्रो परियोजना और डेटा सेंटर बिजनेस में 3 गीगावॉट क्षमता बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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