मुज्तबा खामेनेई को अस्पताल के मलबे से निकाला गया था, बमबारी में तीन अस्पतालों को बनाया गया था निशाना विश्व 3 घंटे पहले 6
ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि उन्हें हमले के दौरान मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया था।

तेहरान के अस्पतालों पर भीषण हमला

न्यूयॉर्क पोस्ट की एक ताजा रिपोर्ट ने ईरान की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई को राजधानी तेहरान में एक अस्पताल के मलबे से बाहर निकाला गया था। बताया जा रहा है कि यह अस्पताल उस वक्त अमेरिकी और इजरायली हमलों का निशाना बना, जब मुज्तबा खामेनेई शुरुआती हमलों में घायल होने के बाद इलाज के लिए वहां भर्ती कराए गए थे। यह सनसनीखेज खुलासा ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सदस्य मोहसेन हैदरी ने कतरी टेलीविजन नेटवर्क अल अरबी को दिए एक इंटरव्यू के दौरान किया है।

लगातार तीन अस्पतालों पर हुई थी बमबारी

मोहसेन हैदरी ने अपनी बातचीत में विस्तार से बताया कि मुज्तबा खामेनेई के घायल होने के बाद उन्हें एक के बाद एक तीन अलग-अलग अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन इन तीनों ही जगहों पर बमबारी की गई। हैदरी के मुताबिक, मुज्तबा खामेनेई तीसरे अस्पताल के मलबे के नीचे दबे हुए थे, जहां से उन्हें सुरक्षित निकाला गया। इस घटना के बाद से 56 वर्षीय मुज्तबा खामेनेई किसी अज्ञात स्थान पर चले गए हैं। तब से उन्हें न तो सार्वजनिक रूप से देखा गया है और न ही उनके स्वास्थ्य या वर्तमान स्थिति को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने आई है।

गोपनीय तरीके से हुआ था नया नेतृत्व का चयन

मोहसेन हैदरी ने उस पूरी प्रक्रिया पर भी रोशनी डाली जिसके तहत 8 मार्च को मुज्तबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया था। हैदरी के अनुसार, मुज्तबा खामेनेई को संभवतः तब तक यह जानकारी नहीं थी कि उन्हें सर्वोच्च पद के लिए चुन लिया गया है, जब तक कि सरकारी टेलीविजन पर इसका आधिकारिक ऐलान नहीं कर दिया गया। गौरतलब है कि जिस असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स को सुप्रीम लीडर चुनने का जिम्मा दिया गया था, उसे भी इन सैन्य हमलों के दौरान निशाना बनाया गया था।

सचिवालय पर हमला और अहम दस्तावेजों का नुकसान

रिपोर्ट के अनुसार, कोम शहर में स्थित असेंबली के सचिवालय पर भी बमबारी हुई थी। इस हमले में आठ लोगों की मौत हो गई और नए सुप्रीम लीडर के चयन से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण रिपोर्ट और सिफारिशें नष्ट हो गईं। मोहसेन हैदरी ने याद किया कि चयन प्रक्रिया के लिए एक गुप्त कमरे में इकट्ठा होने से पहले सदस्यों ने अपने वोट कागज पर दर्ज किए थे। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि मुज्तबा खामेनेई का नाम प्रस्तावित करने वाले वे पहले सदस्य थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुश्मन के हालात को देखते हुए अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई ही इस्लामिक रिपब्लिक का नेतृत्व करने के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार थे। उन्होंने बताया कि हमें सूचना मिली थी कि मुज्तबा खामेनेई स्वस्थ हैं और नेतृत्व संभालने में पूरी तरह सक्षम हैं।

वोटिंग के आंकड़े और मुज्तबा का राजनीतिक सफर

असेंबली की बैठक में मुज्तबा खामेनेई को कुल 59 में से 50 वोट मिले थे। वहीं, आठ सदस्यों ने अयातुल्ला अलीरेजा अराफी के पक्ष में वोट डाला, जबकि एक सदस्य ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। हैदरी ने मुज्तबा को एक ऐसा व्यक्ति बताया जो हमेशा परछाई में रहना पसंद करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च नेता बनने से पहले मुज्तबा ने ईरान सरकार में कोई औपचारिक राजनीतिक पद नहीं संभाला था, हालांकि वे अपने पिता के सलाहकार के रूप में कार्य करते रहे थे। हमले के बाद मुज्तबा की स्थिति को लेकर दुनिया भर में अटकलों का दौर जारी है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्टों में दावा किया गया था कि हमलों में उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा था कि उन्हें विश्वास है कि मुज्तबा खामेनेई अभी जीवित तो हैं, लेकिन सैन्य अभियानों में वे गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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