यूपी के चंदौली में जीटी रोड चौड़ीकरण के दौरान बड़ा हादसा, मंदिर का मलबा गिरने से एक मजदूर की मौत, दूसरा घायल उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 68
उत्तर प्रदेश के चंदौली में सड़क चौड़ीकरण के दौरान काली मंदिर का मलबा हटाते समय बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में मलबे की चपेट में आने से एक मजदूर की जान चली गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया।

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में जीटी रोड के चौड़ीकरण के काम के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है। मुगलसराय बाजार में स्थित एक काली मंदिर को हटाने की कार्रवाई की जा रही थी, जो अचानक एक बड़े हादसे में तब्दील हो गई। देर रात जब मंदिर का ढांचा गिराया जा रहा था, तभी अचानक भारी मात्रा में मलबा वहां काम कर रहे लोगों पर गिर गया। इस घटना में दो लोग मलबे के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में दोनों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने एक मजदूर को मृत घोषित कर दिया। दूसरे घायल व्यक्ति का इलाज अभी भी अस्पताल में चल रहा है। इस दर्दनाक हादसे के बाद से ही प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा मानकों को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।

कैसे हुआ यह पूरा हादसा?

यह गंभीर दुर्घटना मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत पीडीडीयू जंक्शन स्टेशन गेट के ठीक सामने घटित हुई। बताया जा रहा है कि जीटी रोड को चौड़ा करने के अभियान के तहत सड़क के दायरे में आ रहे काली मंदिर को वहां से हटाया जा रहा था। इस कार्रवाई से पहले मां काली की मूर्ति को पूरे विधि-विधान के साथ किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर स्थापित कर दिया गया था। इसके बाद मंदिर के बचे हुए ढांचे को हटाने का काम चल रहा था। ऐपको नामक निर्माण कंपनी के कर्मचारी और मजदूर जेसीबी मशीन की मदद से मंदिर का मलबा हटाने के काम में जुटे हुए थे। इसी दौरान अचानक मलबे का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया और वहां काम कर रहे लोग इसकी चपेट में आ गए।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही के आरोप

मलबे की चपेट में आने से घायल हुए दोनों व्यक्तियों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने बहादुरपुर गांव के निवासी और निर्माण कंपनी में काम करने वाले मजदूर बलदेव यादव को मृत घोषित कर दिया। दूसरे घायल व्यक्ति की हालत नाजुक बनी हुई है और अस्पताल में उसका उपचार किया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस खतरनाक ध्वस्तीकरण कार्य के दौरान सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। मलबा हटाते समय न तो यातायात को रोका गया और न ही कार्यस्थल की घेराबंदी की गई थी। इस वजह से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और निर्माण कार्य करा रही निजी कंपनी की कार्यशैली पर उंगलियां उठ रही हैं।

एसडीएम ने दिए जांच के आदेश

इस हादसे के बाद मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। शुरुआत में कोई भी प्रशासनिक अधिकारी इस संवेदनशील मुद्दे पर सीधे कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से बचता नजर आया। हालांकि, बाद में पीडीडीयू नगर के एसडीएम राजीव सक्सेना ने फोन पर बातचीत के दौरान मजदूर की मौत की पुष्टि की। एसडीएम ने बताया कि प्रशासन इस पूरी घटना को बेहद गंभीरता से ले रहा है और मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों की पहचान की जाएगी और जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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