पश्चिम बंगाल
2 घंटे पहले
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तृणमूल कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अपील की है कि सदन में पार्टी के किसी भी बागी गुट को मान्यता न दी जाए। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने इस संबंध में अध्यक्ष को एक पत्र लिखा है। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि सदन में टीएमसी ही एकमात्र पार्टी है और यदि कुछ सांसद अलग समूह बनाने की मांग रखते हैं, तो उन्हें न तो कोई मान्यता दी जाए और न ही कोई सरकारी सुविधा।
पार्टी का पक्ष सुने जाने की मांग
अभिषेक बनर्जी ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि यदि कोई सांसद अलग होने के लिए आवेदन देता है, तो उस पर कोई भी निर्णय लेने से पहले तृणमूल कांग्रेस का पक्ष अवश्य सुना जाना चाहिए। उन्होंने दो टूक शब्दों में आगाह किया कि अगर कोई सांसद पार्टी के नियमों का उल्लंघन करता है, तो पार्टी उसके विरुद्ध दलबदल विरोधी कानून के तहत कड़ी कार्रवाई करेगी और उसकी संसद सदस्यता रद्द कराने की मांग रखेगी।
सागरिका घोष ने बताया संविधान के खिलाफ
टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने इस मुद्दे पर कहा कि पार्टी ने अध्यक्ष को पत्र सौंपा है। उन्होंने कहा, "जो लोग इस तरह टीएमसी को तोड़ना चाहते हैं और लोकसभा के भीतर अलग से एक गुट बनाना चाहते हैं, यह पूरी तरह संविधान के विरुद्ध है। संविधान इसकी बिल्कुल अनुमति नहीं देता। यह कानून के खिलाफ है।"
कीर्ति आज़ाद का बयान
टीएमसी सांसद कीर्ति आज़ाद ने भी इस पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, "यह बिल्कुल स्पष्ट है। सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने कहा है और 10वीं अनुसूची के आर्टिकल 4 में भी इसका उल्लेख है कि पार्टी में कोई विभाजन नहीं हो सकता। महाराष्ट्र में जो हुआ, वह गलत है, इसलिए हम इस मामले में एक अर्जी लेकर यहां आए हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "हमने अध्यक्ष को अर्जी सौंप दी है। हमें पूरा भरोसा है कि अध्यक्ष नियमों के अनुसार ही कार्य करेंगे, जैसा कि वे अब तक करते आए हैं।"
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