उपनाम: विकास कार्य
जमुई के NH-333A पर बनेंगे दो बड़े पुल, आवागमन होगा आसान और व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार
जमुई जिले में NH-333A पर दो नए उच्चस्तरीय आरसीसी पुलों के निर्माण को प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है, जिससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को काफी बढ़ावा मिलेगा।
आलीराजपुर को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दी 356.89 करोड़ की बड़ी सौगात, खराब मौसम को मात देकर पहुंचे भाभरा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खराब मौसम के बावजूद आलीराजपुर पहुंचकर बलराम कृषि महोत्सव में हिस्सा लिया और जिले के विकास के लिए 356.89 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया।
बाबा कुशेश्वरनाथ धाम का होगा कायाकल्प, 44 करोड़ की लागत से मिलेंगी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं
बिहार के दरभंगा स्थित बाबा कुशेश्वरनाथ धाम के समग्र विकास के लिए 44.03 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी मिली है। इस प्रोजेक्ट के तहत मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
बलिया का मिड्ढी मार्ग बना जानलेवा, बार-बार निर्माण के बावजूद गड्ढों में तब्दील हो रही सड़क
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में मिड्ढी मार्ग की खस्ताहाल स्थिति से स्थानीय लोग खासे परेशान हैं, जहां लगातार हो रहे निर्माण कार्यों और सीवर खुदाई के बावजूद सड़क अपनी बदहाली के आंसू रो रही है।
मुजफ्फरपुर में चंद्रवारा पुल ने बदली तस्वीर: 5 लाख की जमीन अब 50 लाख में भी नहीं मिल रही
बिहार के मुजफ्फरपुर में चंद्रवारा पुल के निर्माण के बाद जमीनों के भाव में भारी उछाल आया है, जिससे कुछ साल पहले कौड़ियों के दाम बिकने वाली जमीन अब सोने की तरह महंगी हो गई है।
बिहार में बड़ी सौगात: शिवहर को मिली 200 करोड़ की विकास परियोजनाएं, पहली नदी जोड़ो योजना का हुआ आगाज
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिवहर के अपने पहले दौरे के दौरान राज्य की पहली नदी जोड़ो परियोजना का उद्घाटन किया और 200 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं की आधारशिला रखी।
बिहार में मुखिया और पंचायत सचिवों की बढ़ी मुश्किलें, विकास कार्यों में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
बिहार सरकार ने पंचायती राज व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले मुखिया और पंचायत सचिवों को अब कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
गाजियाबाद का हिंडन एलिवेटिड रोड अब राम सेतु मार्ग के नाम से पहचाना जाएगा, एंट्री पर लगा भव्य धनुष-बाण
गाजियाबाद नगर निगम ने अपने प्रमुख हिंडन एलिवेटिड रोड का नाम बदलकर राम सेतु मार्ग कर दिया है। शहर के प्रवेश द्वार पर एक भव्य द्वार और सुनहरे धनुष-बाण की स्थापना की जा रही है, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है।
उत्तराखंड में सियासी हलचल: सीएम पुष्कर सिंह धामी की तारीफ कर कांग्रेस विधायक ने चौंकाया
चमोली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बदरीनाथ से कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के काम की खुलकर सराहना की, जिसके बाद राज्य की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
2200 करोड़ के प्रोजेक्ट से बदलेगी शिमला की काया, टनल और फ्लाईओवर का जाल बिछाने की तैयारी
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में यातायात की गंभीर समस्या से निपटने के लिए सरकार ने 2200 करोड़ रुपये की मेगा योजना तैयार की है, जिसमें नई टनल, फ्लाईओवर और आधुनिक केबल-स्टे ब्रिज का निर्माण शामिल है।
मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट पर हलचल तेज, उत्तर बिहार को जल्द मिल सकती है हवाई सेवा की सौगात
मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट को धरातल पर उतारने की कवायद ने जोर पकड़ लिया है, जहां टेंडर प्रक्रिया के बाद निर्माण-पूर्व कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।
सीतामढ़ी रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण: काम कब तक होगा पूरा और क्या है ताजा स्थिति
सीतामढ़ी में रेलवे गुमटी संख्या 56 ए पर बन रहे बहुप्रतीक्षित ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अब आगे बढ़ रहा है। रेलवे क्षेत्र में गार्डर चढ़ाने की तैयारी पूरी कर ली गई है, जिससे स्थानीय निवासियों को जल्द ही जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
जहानाबाद और अरवल के बीच सफर होगा सुहाना, 80 करोड़ की लागत से बदलेगी सड़कों की तस्वीर
जहानाबाद और अरवल जिलों के बीच सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 80 करोड़ रुपये की नई परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिससे यात्रा समय में भारी कमी आएगी।
सीएम मोहन यादव का अनोखा अंदाज, सिवनी में खुद धान बोई और करोड़ों की सौगात दी
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने सिवनी दौरे के दौरान खेत में उतरकर धान रोपाई की और किसानों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने जिले के लिए करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया।
सागर स्मार्ट सिटी का कबाड़ा: 60 करोड़ की लागत से बनी इमारतें बन गईं सफेद हाथी
मध्य प्रदेश के सागर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत करोड़ों की लागत से तैयार की गई चार प्रमुख इमारतें बीते तीन वर्षों से वीरान पड़ी हैं और आम जनता के लिए किसी काम की नहीं हैं।