रायपुर में तैयार होगा हाईटेक फाइनेंशियल हब और इलेक्ट्रॉनिक मार्केट, 100 करोड़ के बॉन्ड से बदलेगी सूरत छत्तीसगढ़ एक घंटा पहले 2
रायपुर नगर निगम शहर के ट्रैफिक को व्यवस्थित करने और व्यापारिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 100 करोड़ रुपये के म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने जा रहा है।

रायपुर के विकास की नई राह

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बुनियादी ढांचे और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए नगर निगम ने बड़ी योजना तैयार की है। शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में गिनी जाने वाली एमजी रोड को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए प्रशासन ने एक ठोस कार्ययोजना बनाई है। इसके तहत डूमरतराई में एक बड़ा थोक इलेक्ट्रॉनिक मार्केट विकसित किया जाएगा, जबकि शंकरनगर स्थित क्रिस्टल आर्किड में एक आधुनिक फाइनेंशियल हब बनाने की तैयारी है। इन दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को वित्तीय मजबूती देने के लिए निगम 100 करोड़ रुपये का म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने जा रहा है।

डूमरतराई में बनेगा 5 मंजिला इलेक्ट्रॉनिक मार्केट

नगर निगम ने डूमरतराई में निगम की अपनी दो एकड़ जमीन पर पांच मंजिला हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक मार्केट बनाने का फैसला लिया है। इस बाजार के निर्माण का मुख्य उद्देश्य एमजी रोड पर थोक कारोबारियों के कारण होने वाले ट्रैफिक दबाव को कम करना है। इस परिसर में कुल 120 दुकानें होंगी, साथ ही अत्याधुनिक हाइड्रोलिक पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि डूमरतराई पहले से ही शहर का प्रमुख होलसेल हब है, जहां से खुदरा दुकानदार अपना सामान खरीदते हैं। इस बाजार के शिफ्ट होने से एमजी रोड पर मालवाहक वाहनों की लोडिंग और अनलोडिंग की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

क्रिस्टल आर्किड में नया फाइनेंशियल हब

शंकरनगर के क्रिस्टल आर्किड में लगभग 67 करोड़ रुपये की लागत से एक स्मार्ट फाइनेंशियल हब का निर्माण किया जाएगा। यह हब न केवल बड़े और स्थापित कारोबारियों के लिए दफ्तर मुहैया कराएगा, बल्कि नए स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं और उभरते उद्यमियों के लिए एक बेहतरीन कार्यस्थल के रूप में भी काम करेगा। यहां आधुनिक हाईटेक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे शहर में व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

बॉन्ड से जुटाया जाएगा फंड

निगम प्रशासन इन परियोजनाओं के लिए अहमदाबाद, इंदौर, पुणे और गाजियाबाद जैसे शहरों के मॉडल का अनुसरण कर रहा है। इन शहरों की तर्ज पर ही रायपुर नगर निगम 100 करोड़ रुपये का म्यूनिसिपल बॉन्ड बाजार में उतारेगा। इस बॉन्ड के माध्यम से जुटाई गई राशि का पूरा उपयोग शहर के इन विकास कार्यों को पूरा करने में किया जाएगा। निगम को यह भी उम्मीद है कि यदि यह बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया सफल रही, तो केंद्र सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि के तौर पर 13 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड मिलने की भी संभावना है।

प्रशासनिक अड़चनें और संशोधित योजना

हालांकि, इन बड़ी परियोजनाओं की राह में फिलहाल कुछ प्रशासनिक चुनौतियां सामने आई हैं। नगर निगम ने पहले जो कार्ययोजना और एस्टीमेट तैयार किया था, उसे नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के पास स्वीकृति के लिए भेजा गया था। लेकिन विभाग ने प्रस्ताव में कुछ खामियां बताते हुए इसे वापस लौटा दिया है। वर्तमान में नगर निगम के अधिकारी संशोधित आंकलन यानी रिवाइज्ड एस्टीमेट तैयार करने में जुटे हैं। जैसे ही नगरीय प्रशासन विभाग से इस रिवाइज्ड एस्टीमेट को मंजूरी मिल जाएगी और म्यूनिसिपल बॉन्ड के माध्यम से फंड की राशि उपलब्ध हो जाएगी, इन दोनों परियोजनाओं का निर्माण कार्य तेजी से जमीन पर शुरू कर दिया जाएगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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