मंडी में कंगना रनौत का रौद्र रूप, सांसद निधि खर्च न होने पर अधिकारियों को सुनाई खरी-खोटी हिमाचल प्रदेश एक घंटा पहले 2
मंडी की सांसद कंगना रनौत ने दिशा कमेटी की बैठक में अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सांसद निधि के करोड़ों रुपये खर्च न होने से नाराज कंगना ने अफसरों को 'फूहड़' और 'निठल्ले' तक कह दिया।

बैठक में सांसद का दिखा आक्रामक तेवर

मंडी लोकसभा सीट से सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत अपने सख्त मिजाज के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में मंडी में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा कमेटी की बैठक के दौरान उनका यह रौद्र रूप एक बार फिर देखने को मिला। बैठक की अध्यक्षता कर रहीं कंगना रनौत के सामने जब सांसद निधि के खर्च का मुद्दा उठा, तो वह खुद पर काबू नहीं रख सकीं और अधिकारियों पर बुरी तरह बरस पड़ीं। उनके चेहरे पर साफ गुस्सा देखा जा सकता था, जो बैठक के दौरान अधिकारियों के कामकाज पर उनकी तीखी नाराजगी को दर्शाता था।

सांसद निधि के आंकड़ों पर घमासान

सांसद कंगना रनौत ने बैठक में खुलासा किया कि उनके पास सांसद निधि के तहत करीब 11 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध थी। हालांकि, जमीनी स्तर पर महज 50 लाख रुपये ही खर्च हो सके हैं, जो कि बेहद चिंताजनक है। कंगना का आरोप है कि उन्हें पहले जो रिपोर्ट सौंपी गई थी, उसमें यह दावा किया गया था कि सांसद निधि का लगभग 90 प्रतिशत पैसा खर्च कर दिया गया है। जब उन्होंने एजेंसियों की वास्तविक रिपोर्ट की जांच की, तो स्थिति पूरी तरह उलट थी, जिससे उनका गुस्सा और अधिक भड़क गया।

मीडिया में किरकिरी पर फूटा गुस्सा

इस स्थिति को लेकर सांसद ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि निधि का पैसा समय पर खर्च न होने की वजह से उन्हें राष्ट्रीय मीडिया में हंसी का पात्र बनना पड़ता है। उन्होंने अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि एक्टिंग के मामले में तो अधिकारी उनसे भी कई कदम आगे निकल गए हैं। उन्होंने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि उन्हें धरातल की हकीकत छिपाकर गलत जानकारी दी जा रही थी। कंगना ने स्पष्ट किया कि उन्हें झूठी और भ्रामक रिपोर्ट सौंपने के बजाय जमीनी स्तर पर काम करने की आवश्यकता है, ताकि जनता के बीच उनकी छवि धूमिल न हो।

अधिकारियों के लिए इस्तेमाल किए तीखे शब्द

बैठक में हालात उस वक्त तनावपूर्ण हो गए जब कंगना ने अधिकारियों के लिए 'फूहड़' और 'निठल्ले' जैसे शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि मंडी जिले में विकास की गति बेहद धीमी है और कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं लंबे समय से लंबित पड़ी हैं। कंगना ने आगे कहा कि आम जनता सोशल मीडिया के माध्यम से विकास कार्यों की सुस्ती पर लगातार सवाल पूछ रही है। लोग रील बनाकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं, जबकि अधिकारी दफ्तरों में बैठकर केवल हंसने और उन्हें कोसने का काम कर रहे हैं।

कामकाज में सुधार और परफॉर्मेंस रिपोर्ट की मांग

कंगना रनौत ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि लंबित विकास कार्यों को हर हाल में जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों से उनके अब तक के कामकाज की परफॉर्मेंस रिपोर्ट भी तलब की है। सांसद ने बैठक में साफ शब्दों में कहा कि उन्हें केवल कागजी खानापूर्ति नहीं चाहिए, बल्कि विकास कार्यों के लिए आवंटित धनराशि का शत-प्रतिशत और सही उपयोग सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए काम में तेजी लाने और सरकारी योजनाओं को धरातल पर पूरी ईमानदारी के साथ उतारने का आदेश दिया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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