उपनाम: उत्तराखंड पर्यटन
दिल्ली से नैनीताल अब महज 3 घंटे में! बरेली-हल्द्वानी एक्सप्रेसवे से आधा रह जाएगा पहाड़ों का सफर, समझिए पूरा रूट
NHAI से मंजूर बरेली-हल्द्वानी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनने के बाद दिल्ली से नैनीताल तक की यात्रा में लगने वाला समय तीन घंटे से भी ज्यादा घट सकता है, जिससे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी और पर्यटन दोनों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
देहरादून घूमने आएं तो इन 5 मशहूर जायकों का स्वाद जरूर चखें, सैलानियों से लेकर सेलिब्रिटी तक हैं दीवाने
पहाड़ों के बीच बसा देहरादून प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ अपने अनोखे स्ट्रीट फूड के लिए भी मशहूर है, जहां पलटन बाजार से डाकरा बाजार तक के 5 फूड स्पॉट्स के स्वाद के दीवाने आम पर्यटक से लेकर बॉलीवुड सितारे तक हैं।
कॉर्बेट का कौन सा सफारी जोन है बाघ दिखने में सबसे आगे? बुकिंग, रूट और सफर की पूरी गाइड
उत्तराखंड का जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क प्रकृति और रोमांच के शौकीनों के लिए बेहतरीन ठिकाना है। यहां जानिए ढिकाला, बिजरानी और झिरना जैसे मशहूर सफारी जोन्स की खूबियां और बुकिंग से जुड़ी अहम बातें।
गर्मी की छुट्टियों में दोस्तों के साथ घूम आइए उत्तराखंड का मिनी स्विट्जरलैंड, ऐसा नजारा कि लौटने का मन नहीं करेगा
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में बसा कौसानी अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और बर्फीली हिमालयी चोटियों के नजारों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। जानिए कम बजट में यहां कैसे पहुंचें और रास्ते में क्या-क्या देख सकते हैं।
गर्मी में सरयू नदी का किनारा बना बागेश्वर के लोगों की पसंद, ठंडी हवाओं और शांत माहौल का सुकून
उत्तराखंड के बागेश्वर में सरमूल से निकलने वाली सरयू नदी का किनारा गर्मी के मौसम में स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए राहत और सुकून का प्रमुख ठिकाना बन गया है। ठंडी हवाएं, शांत बहाव और प्राकृतिक सौंदर्य लोगों को घंटों यहां रुकने पर मजबूर कर देते हैं।
नैनीताल जाने की सोच रहे हैं तो ठहरिए! शहर के बाहर ही रोकी जा रही गाड़ियां, खफा पर्यटक बोले- अब कभी नहीं आएंगे
गर्मियों की छुट्टियों में नैनीताल पहुंच रहे पर्यटकों को शहर के एंट्री पॉइंट्स पर ही घंटों रोका जा रहा है। बिना होटल बुकिंग वाले वाहनों को प्रवेश नहीं मिल रहा, जबकि जहां रोका जा रहा है वहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
मसूरी की भीड़ से दूर सुकून का नया पता, 312 फीट की ऊंचाई से गिरता दूधिया झरना मोह लेगा मन
देहरादून के पास घने जंगलों और ऊंचे पहाड़ों के बीच छिपा यह खूबसूरत झरना इन दिनों पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है, जहां मसूरी जैसी भीड़ और शोर के बिना नेचर का असली सुकून मिलता है।
नैनीताल में बसा यूपी की रियासत का इतिहास, जानें कैसे पड़ा ‘आवागढ़’ नाम
नैनीताल के मल्लीताल में स्थित आवागढ़ आज एक रिहायशी मोहल्ला है, लेकिन इसका नाता उत्तर प्रदेश की मशहूर आवागढ़ रियासत से जुड़ा है, जहां कभी राजपरिवार का समर हाउस हुआ करता था।
नैनीताल के पास छिपे 6 ऑफबीट ठिकाने, भीड़ से दूर मिलेगा पहाड़ों का असली सुकून
नैनीझील और मॉल रोड की भीड़ से अलग, नैनीताल के आसपास कुछ शांत और खूबसूरत ऑफबीट जगहें हैं जो एक दिन की ट्रिप में भी आपकी यात्रा को यादगार बना सकती हैं।
नैनीताल के घने जंगलों में छिपे रोमांचक ट्रैकिंग रास्ते, असली नैनीताल देखना है तो इन चोटियों पर चढ़ें
मॉल रोड और नैनी झील की बोटिंग से हटकर अगर आप नैनीताल में कुछ अलग और रोमांचक तलाश रहे हैं, तो शहर के जंगलों में छिपे ये ट्रैकिंग रूट्स आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं हैं।
तपोवन के घने जंगलों में छिपा वो ‘सीक्रेट पूल’, जहां बहता है ठंडा-साफ पानी और मिलता है असली सुकून
ऋषिकेश के तपोवन क्षेत्र में सीक्रेट वॉटरफॉल के पास बना यह प्राकृतिक पूल पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के बीच खास आकर्षण बन गया है, जहां पहाड़ों से सीधे आता ठंडा और साफ पानी ‘नेचुरल स्पा’ जैसा अनुभव देता है।
नीम करौली सर्किट से जुड़ेंगे यूपी और उत्तराखंड, बाबा की जन्मस्थली से कैंची धाम तक आकार लेगा आध्यात्मिक कॉरिडोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक में नीम करौली सर्किट और बुंदेलखंड फोर्ट सर्किट के विकास के निर्देश दिए। फिरोजाबाद, फर्रुखाबाद, नैमिषारण्य और उत्तराखंड के कैंची धाम को जोड़कर एक एकीकृत पर्यटन सर्किट तैयार किया जा रहा है।
नैनीताल की एक अनूठी विरासत: 130 साल पुराना ब्रिटिशकालीन कब्रिस्तान, जिसे देखने पहुंचते हैं विदेशी सैलानी
नैनीताल केवल झील और मॉल रोड के लिए नहीं, बल्कि पाइन्स इलाके में मौजूद 130 साल पुराने ब्रिटिशकालीन कब्रिस्तान के लिए भी खास है, जो दोनों विश्व युद्धों की यादों को समेटे हुए है।
कौसानी का अनासक्ति आश्रम: बर्फीली चोटियों के बीच बसा वह ठिकाना, जहां से दिखता है स्वर्ग जैसा नजारा
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित कौसानी का अनासक्ति आश्रम महात्मा गांधी की यादों और स्वतंत्रता संग्राम का ऐतिहासिक गवाह है, जहां से हिमालय की भव्य चोटियों का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है।