नैनीताल में बसा यूपी की रियासत का इतिहास, जानें कैसे पड़ा ‘आवागढ़’ नाम उत्तराखंड एक घंटा पहले 2
नैनीताल के मल्लीताल में स्थित आवागढ़ आज एक रिहायशी मोहल्ला है, लेकिन इसका नाता उत्तर प्रदेश की मशहूर आवागढ़ रियासत से जुड़ा है, जहां कभी राजपरिवार का समर हाउस हुआ करता था।

झीलों के शहर नैनीताल के मल्लीताल इलाके में बसा आवागढ़ भले ही आज एक सामान्य रिहायशी मोहल्ला नजर आता हो, मगर इसकी पहचान सिर्फ एक बस्ती तक सीमित नहीं है। बहुत कम लोगों को यह बात पता है कि इस जगह का सीधा संबंध उत्तर प्रदेश की प्रसिद्ध आवागढ़ रियासत से रहा है।

राजपरिवार का गर्मियों का ठिकाना

एक समय था जब इसी स्थान पर आवागढ़ रियासत का शानदार समर हाउस मौजूद था। गर्मियों के मौसम में राजपरिवार के सदस्य यहीं आकर ठहरा करते थे और इस पहाड़ी शहर की ठंडी आबोहवा का आनंद लेते थे। यही वजह रही कि इस इलाके को आवागढ़ के नाम से पहचान मिली।

नाम के पीछे छिपी कहानी

वक्त के साथ यह क्षेत्र धीरे-धीरे आबाद होता चला गया और आज यह पूरी तरह एक रिहायशी मोहल्ले में तब्दील हो चुका है। इसके बावजूद आवागढ़ नाम के पीछे छिपा इतिहास आज भी लोगों को हैरान कर देता है। ज्यादातर पर्यटक तो दूर, कई स्थानीय निवासी भी इस नाम की असली वजह से अनजान हैं।

शिक्षा और समाज सुधार से जुड़ी विरासत

शिक्षा, समाज सुधार और नैनीताल की समृद्ध विरासत से जुड़ी यह कहानी शहर के एक ऐसे अध्याय को सामने लाती है, जिसके बारे में आमतौर पर बहुत कम चर्चा होती है। यह इतिहास बताता है कि नैनीताल केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि अपने ऐतिहासिक संबंधों के लिए भी खास रहा है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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