उपनाम: स्वतंत्रता संग्राम
1857 की क्रांति के महानायक सार्दुलसिंह देवड़ा, जिन्हें आज लोकदेवता के रूप में पूजते हैं लोग
सिरोही जिले के रोवाड़ा गांव के रहने वाले सार्दुलसिंह देवड़ा ने 1857 की क्रांति में अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए थे। आज उन्हें जुजार बावसी के रूप में सिरोही, जालोर और पाली के इलाकों में श्रद्धा के साथ पूजा जाता है।
बरेली की 185 साल पुरानी ऐतिहासिक जेल का कायाकल्प, 173 करोड़ रुपये की लागत से बनी हाईटेक
अंग्रेजों के जमाने की बरेली जिला जेल अब आधुनिक सुविधाओं से लैस हो गई है। 173 करोड़ रुपये के बजट से तैयार इस जेल में अब 2579 कैदियों के रहने की क्षमता है।
जौनपुर का वो ऐतिहासिक घर, जहां जवाहरलाल नेहरू के स्वागत के लिए रातोंरात बना था टॉयलेट
उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक ऐसा घर है जहां देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के रुकने की विशेष व्यवस्था की गई थी। नेहरू की सुविधा के लिए उस दौर में रातोंरात अंग्रेजी शौचालय का निर्माण करवाया गया था।
वह भारतीय जिसने ब्रिटिश संसद पहुंचकर हिला दी थी अंग्रेजों की नींव
दादाभाई नौरोजी ब्रिटिश संसद में पहुंचने वाले पहले भारतीय थे, जिन्होंने 1892 में लंदन की फिन्सबरी सेंट्रल सीट जीतकर इतिहास रच दिया था। उनकी इस ऐतिहासिक जीत ने उस दौर के ब्रिटिश शासकों के अहंकार को चकनाचूर कर दिया था।
जब अंग्रेजों ने तोप से उड़ाया था पूरा सुल्तानपुर, लंदन की संसद तक पहुंची थी यहां के वीरों की दहाड़
1857 की क्रांति में सुल्तानपुर के रणबांकुरों ने ब्रिटिश हुकूमत को हिलाकर रख दिया था। बौखलाए अंग्रेजों ने पूरे पुराने शहर को तोप से उड़ा दिया, और यहां की बगावत की गूंज सात समंदर पार ब्रिटिश संसद तक पहुंची।
जौनपुर का वह ऐतिहासिक आवास, जहां गांधी से लेकर नेहरू तक ठहरे और तय हुईं आंदोलन की रणनीतियां
जौनपुर के रासमंडल मोहल्ले में स्थित स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय रामेश्वर प्रसाद सिंह का आवास आजादी की लड़ाई का अहम केंद्र रहा, जहां महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरोजिनी नायडू और जयप्रकाश नारायण समेत कई दिग्गज नेता पहुंच चुके हैं।
क्रांतिकारियों में जोश भरने वाला खंडकाव्य 'पथिक', जानिए पंडित रामनरेश त्रिपाठी का सुल्तानपुर से नाता
पंडित रामनरेश त्रिपाठी की रचना 'पथिक' ने आजादी की लड़ाई में क्रांतिकारियों के भीतर अदम्य उत्साह भरा। इस महान साहित्यकार का जन्म सुल्तानपुर जिले के कोइरीपुर गांव में हुआ था।
Subhash Chandra Bose Quotes: सफल जीवन का सपना है तो हमेशा याद रखें नेताजी की ये प्रेरक बातें
स्वतंत्रता संग्राम के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस के विचार आज भी हर पीढ़ी को आगे बढ़ने का हौसला देते हैं। यहां पढ़ें उनके कुछ अनमोल और प्रेरणादायक कथन।
मौलाना बरकतउल्ला भोपाली कौन थे? जिनके नाम वाली भोपाल यूनिवर्सिटी अब बनेगी वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय
भोपाल की बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलकर मां वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय करने का प्रस्ताव कार्यपरिषद ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया है। प्रस्ताव अब उच्च शिक्षा विभाग और राजभवन के पास भेजा गया है।