उपनाम: सिंधु जल संधि
सिंधु नदी पर भारत का बड़ा प्रहार, लद्दाख में तैयार हुआ अनोखा रॉक चेक डैम
भारत ने लद्दाख के उप्शी में सिंधु नदी पर अपना पहला रॉक चेक डैम बनाकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जिससे स्थानीय किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलना आसान हो गया है। इस परियोजना के जरिए पाकिस्तान की ओर बहने वाले पानी का भारत बेहतर उपयोग करने में सक्षम...
सिंधु जल विवाद: भारत ने ठुकराया कोर्ट का फैसला, पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय दलीलों पर नहीं पिघली नई दिल्ली
भारत ने सिंधु जल समझौते से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायालय के आदेश को मानने से साफ इनकार कर दिया है, जबकि पाकिस्तान इस फैसले को लेकर दुनिया भर में भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
शंघाई सहयोग संगठन के मंच पर पानी के लिए गिड़गिड़ाया पाकिस्तान, शी जिनपिंग के सामने भारत ने दिखाया सख्त रुख
शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाकर अंतरराष्ट्रीय समर्थन बटोरने की कोशिश की, लेकिन भारत ने अपने कड़े रुख में कोई बदलाव नहीं किया है।
सिंधु जल संधि पर भारत का कड़ा रुख, कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के फैसले को किया पूरी तरह खारिज
सिंधु जल संधि को लेकर कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के हालिया फैसले को भारत ने सिरे से नकार दिया है और इसे अवैध करार दिया है।
सिंधु जल संधि का 80-20 नियम और भारत का बदला रुख, पाकिस्तान में क्यों मची खलबली?
1960 की सिंधु जल संधि में भारत की दरियादिली अब पाकिस्तान के लिए मुसीबत बन रही है, क्योंकि भारत ने अब कूटनीतिक दबाव के तहत पानी का रुख मोड़ने की तैयारी कर ली है।
सिंधु जल संधि पर भारत के सख्त रुख से घबराया पाकिस्तान, लगाई अंतरराष्ट्रीय मदद की गुहार
सिंधु जल संधि के मामले में भारत द्वारा कड़ा रुख अपनाए जाने के बाद पाकिस्तान की चिंता बढ़ गई है। विदेश मंत्री इशाक डार ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत से संधि बहाल करने की अपील की है।
शहबाज शरीफ का फिर भारत को निशाना बनाने का प्रयास, जल और युद्ध की धमकियों के बीच घरेलू मुद्दों पर साधी चुप्पी
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भारत के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए युद्ध और जल विवाद पर धमकी दी है, जबकि बलूचिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में जारी विरोध प्रदर्शनों पर पूरी तरह चुप्पी साध ली।
सिंधु जल संधि के मौजूदा स्वरूप का अंत, पुराने नियमों पर अब नहीं चलेगा भारत: सूत्र
केंद्र सरकार के उच्च सूत्रों के अनुसार, 1960 की सिंधु जल संधि अपने मौजूदा स्वरूप में पूरी तरह निष्प्रभावी हो चुकी है और भारत अब पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के बीच पुराने नियमों के तहत पानी साझा करने के पक्ष में नहीं है।
पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ भरी हुंकार, आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने जंग के दिए संकेत
पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने कोर कमांडरों की बैठक में भारत को चेतावनी दी है, जिसके बाद सीमा पर तनाव बढ़ने के आसार जताए जा रहे हैं।
आतंकवाद पर भारत का कड़ा प्रहार, सिंधु जल संधि निलंबित होने से पाकिस्तान में मचा हाहाकार
अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया है, जिसके बाद पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसता पाकिस्तान अब दुनिया के सामने भीख मांग रहा है।
सिंधु जल विवाद में चीन को क्यों घसीट रहा है पाकिस्तान, भारत के सख्त रुख से घबराए इस्लामाबाद की नई चाल
भारत द्वारा सिंधु जल संधि के तहत पानी रोके जाने से पाकिस्तान गहरे जल संकट में है और अब वह इस मसले में चीन को शामिल कर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की नाकाम कोशिश कर रहा है।
सिंधु जल संधि पर भारत का कड़ा रुख, क्या पाकिस्तान को इस बार किस्मत बचा पाएगी?
भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित करने के बाद पाकिस्तान भीषण जल संकट की कगार पर खड़ा है, जहाँ उसकी कृषि व्यवस्था पूरी तरह से जल भंडारण की गिरती क्षमता पर निर्भर है।
सिंधु जल संधि पर भारत के कड़े रुख से बौखलाया पाकिस्तान, मंत्री मुसादिक मलिक ने दी हाथ काटने की धमकी
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल संधि रोके जाने से पाकिस्तान हताशा में है। पाकिस्तानी मंत्री मुसादिक मलिक ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए भारत को चेतावनी दी है।
सिंधु जल संधि स्थगित होने के बाद पाकिस्तान पर मंडराया जल संकट, बाढ़ ने बदली पूरी कहानी
भारत द्वारा सिंधु जल संधि को रोकने के बाद पाकिस्तान को भीषण जल संकट का सामना करना था, लेकिन अगस्त 2025 में आई बाढ़ ने हालात बदल दिए और जलाशय लगभग लबालब हो गए।
पाकिस्तान का जल संकट: कैसे कुदरत ने बचाई जान और अब मंडरा रहा है नया खतरा
भारत द्वारा सिंधु जल संधि स्थगित करने के बाद पाकिस्तान भीषण जल संकट की कगार पर था, लेकिन 2025 में अत्यधिक बारिश और बाढ़ ने स्थिति बदल दी। हालांकि, डैमों की घटती क्षमता अब देश के लिए एक नई और गंभीर चुनौती बन गई है।