उपनाम: सिंधु जल संधि
1948 में भारत ने बिना युद्ध छेड़े कैसे पाकिस्तान पर डाला था दबाव
भारत और पाकिस्तान के बीच जल बंटवारे को लेकर 1948 में एक बड़ा तनाव पैदा हुआ था, जब भारत ने नहरों का पानी रोककर पड़ोसी देश की अर्थव्यवस्था को हिला दिया था।
न ब्रह्मोस, न अग्नि-5 — फिर भी पाकिस्तान में हाहाकार, सिंधु जल पर भारत के फैसले ने बढ़ाई मुनीर की मुश्किलें
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल संधि स्थगित किए जाने का असर अब पाकिस्तान में साफ दिख रहा है। सिंध और बलूचिस्तान प्रांत गंभीर जल संकट से जूझ रहे हैं, जिससे खेती और लाखों-करोड़ों लोगों की आजीविका पर संकट गहरा गया है।
सिंधु जल संधि पर सख्त हुआ भारत, अमित शाह खुद रख रहे नजर, पाकिस्तान को नहीं मिलेगी एक बूंद भी
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि आने वाले सालों में पाकिस्तान को सिंधु नदी प्रणाली से पानी की एक बूंद भी नहीं मिलने दी जाएगी और गृह मंत्री अमित शाह स्वयं इस पूरे मामले पर निगरानी रख रहे हैं।
बर्बादी का रोना रोने लगा पाकिस्तान, चिनाब पर भारत की दो परियोजनाओं ने बढ़ाई बेचैनी
भारत ने चिनाब नदी प्रणाली से जुड़ी चिनाब-ब्यास लिंक परियोजना और सलाल बांध की नई सुरंग पर काम शुरू किया है, जिससे पाकिस्तान बौखला उठा है और इसे अपनी अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बता रहा है।