उपनाम: सांस्कृतिक विरासत
भारत का गौरव लौटेगा वतन, ऑस्ट्रेलिया लौटाएगा चोरी हुई बेशकीमती प्राचीन धरोहरें
ऑस्ट्रेलिया ने एक बड़ा फैसला लेते हुए भारत से चोरी होकर वहां पहुंचे प्राचीन खजाने और मूर्तियों को वापस लौटाने का निर्णय लिया है। ऑस्ट्रेलियाई गृह मंत्री टोनी बर्क ने कहा कि किसी दूसरे देश की विरासत को अपने पास रखना चोरी है और इसके लिए भारत की मांग का इंतज...
उदयपुर की 200 साल पुरानी दुकान: सिर्फ 'हरि ॐ' बोलने पर मिलती है खास मिठाई
राजस्थान के उदयपुर में एक ऐसी मिठाई की दुकान है जहां ग्राहकों का स्वागत एक खास परंपरा के साथ किया जाता है। यहाँ 'हरि ॐ' बोलने वाले हर व्यक्ति को दुकानदार एक विशेष मिठाई उपहार में देते हैं।
उदयपुर की बागौर की हवेली में मौजूद है दुनिया की सबसे बड़ी पगड़ी, जानें इसकी खासियत
राजस्थान के उदयपुर स्थित ऐतिहासिक बागौर की हवेली में दुनिया की सबसे विशाल पगड़ी रखी गई है, जो अपनी बनावट और आकार के कारण पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है।
अद्रा नक्षत्र में दाल-पूड़ी, खीर और आम का क्या है खास कनेक्शन? जानें इसके पीछे का विज्ञान और परंपरा
बिहार में अद्रा नक्षत्र के आगमन पर दाल-पूड़ी, खीर और आम खाने की पुरानी परंपरा है, जो न केवल धार्मिक महत्व रखती है बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक और कृषि संबंधी गहरे कारण भी छिपे हैं।
भारत और सेशेल्स की दोस्ती: समोसे और चटनी से जुड़ी है दोनों देशों की साझा विरासत, बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स की संसद को संबोधित करते हुए भारत और सेशेल्स के बीच की पांच दशकों पुरानी मित्रता को याद किया और इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाने का वादा किया।
बीकानेर की विरासत: हजार हवेलियों का शहर जहां की दीवारों में कैद है राजसी वैभव
राजस्थान के बीकानेर को हजार हवेलियों के शहर के रूप में जाना जाता है, जहां की अद्भुत नक्काशी और चित्रकारी सदियों पुरानी सांस्कृतिक समृद्धि की कहानी बयां करती है।
मोहर्रम: झांसी की अनूठी परंपरा है राई का ताजिया, जानें राजा गंगाधर राव से इसका क्या है संबंध
उत्तर प्रदेश के झांसी में मोहर्रम के दौरान निकाला जाने वाला राई का ताजिया करीब 200 साल पुरानी हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल है, जिसे राजा गंगाधर राव ने शुरू किया था।
मुहर्रम पर जयपुर का अनूठा आकर्षण: 42 किलो शुद्ध चांदी से बना है चौमूं का यह ऐतिहासिक ताज़िया
जयपुर के चौमूं में करीब 400 साल पुरानी परंपरा के तहत 42 किलो शुद्ध चांदी के ताज़िए का जुलूस निकाला जाता है, जो शहर की साझा विरासत की मिसाल है।
धौलपुर का मचकुंड पैनोरमा: राजस्थान की जीवंत ऐतिहासिक गाथा
राजस्थान के धौलपुर में स्थित मचकुंड पैनोरमा पर्यटकों को प्राचीन गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराता है, जहां कलाकृतियों के माध्यम से पौराणिक कथाओं को दर्शाया गया है।
हैदराबाद की 400 साल पुरानी परंपरा, हाथी पर सवार होकर निकलता है बीबी का अलम
मोहर्रम के मौके पर हैदराबाद में बीबी का अलम जुलूस एक खास शाही रिवायत है, जिसमें पवित्र अलम को हाथी पर बैठाकर निकाला जाता है।
मोदी सरकार के 12 साल: आस्था, परंपरा और विकास का संगम बनकर उभरा नमो-मोहन का एमपी मॉडल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के 'विरासत से विकास' मंत्र को मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन के विस्तार से धरातल पर उतार रही है। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी से लेकर एकात्म धाम तक की पहलें इसी संकल्प की मिसाल हैं...
भोजपुर की बेटी की मेहनत रंग लाई, विलुप्त होती पीडिया-लेखन कला को मिला GI टैग
बिहार की पारंपरिक पीडिया-लेखन कला को आधिकारिक तौर पर जीआई टैग मिल गया है। भोजपुर के जगदीशपुर की कलाकार विनीता कुमारी के अथक प्रयासों ने इस लुप्त होती लोक-कला को नई पहचान दिलाई।
कंप्यूटर शिक्षिका से कलाकार तक: पुनीता ने सोहराय कला से गढ़ी झारखंड की नई पहचान
जमशेदपुर की पुनीता कुमारी ने कंप्यूटर शिक्षा से करियर शुरू किया और आज सोहराय चित्रकला के जरिए झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिला रही हैं।
फरीदाबाद में मिथिला समाज की जीवंत परंपरा, घास की झोपड़ी में पूरे होते हैं मृत्यु के बाद के संस्कार
फरीदाबाद के सेक्टर-8 स्थित मिथिलांचल काली मंदिर में 70 वर्षीय पूरण मंडल घास, बांस और मूंज की रस्सियों से वह झोपड़ी तैयार करते हैं, जिसमें मिथिला समाज मृत्यु के बाद के सभी धार्मिक रीति-रिवाज निभाता है। पिछले 20 वर्षों से यह काम कर रहे पूरण मंडल इस सदियों प...
प्लास्टिक और इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के दौर में भी जीवंत है करौली के हटवारा बाजार की लकड़ी कारीगरी
करौली का हटवारा बाजार आज भी पारंपरिक लकड़ी के खिलौनों और घरेलू वस्तुओं की पहचान बनाए हुए है, जो 10 से 20 परिवारों की आजीविका का सहारा हैं। महंगाई के बावजूद यहां 20 से 100 रुपये तक के हस्तनिर्मित खिलौने उपलब्ध हैं।