उपनाम: सर्वपितृ अमावस्या
सर्वपितृ अमावस्या 2026: इस बार बन रहा है 81 वर्षों का दुर्लभ संयोग, राशि के अनुसार करें दान
सर्वपितृ अमावस्या पर इस वर्ष शनैश्चरी अमावस्या और गजछाया योग का विशेष मिलन हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अपनी राशि के अनुरूप दान करने से पितरों का आशीर्वाद पूरे वर्ष बना रहता है।
सर्वपितृ अमावस्या पर दक्षिण दिशा में जलाएं दीपक, दूर होगा गृह कलह और बरसेगी पितरों की कृपा
पितृ पक्ष की अंतिम तिथि सर्वपितृ अमावस्या पर विशेष उपाय करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-शांति का वास होता है। जानिए इस दिन कौन से कार्य करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है।
सर्वपितृ अमावस्या 2026: क्या 9 या 10 अक्टूबर को है श्राद्ध? जानिए सही तिथि और महत्व
पितृ पक्ष के समापन का प्रतीक सर्वपितृ अमावस्या का विशेष महत्व है। जानिए इस वर्ष यह किस दिन मनाई जाएगी और इसका अनुष्ठान कब करना सबसे शुभ होगा।
सर्वपितृ अमावस्या 2026: शनिश्चरी योग में पितरों को करें विदा, शाम को इन 5 जगहों पर दीपक जलाकर पाएं विशेष कृपा
10 अक्टूबर 2026 को सर्वपितृ अमावस्या के साथ शनिश्चरी अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस विशेष दिन पर पितरों की विदाई के समय किन पांच स्थानों पर दीपक जलाना शुभ माना गया है, जानें विस्तार से।
पितृ पक्ष 2026: इन वस्तुओं का दान दिलाएगा पितरों का विशेष आशीर्वाद और समृद्धि
पितृ पक्ष के दौरान किए गए दान का विशेष महत्व माना गया है। जानिए वे कौन सी चीजें हैं जिनका दान करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
पितृ पक्ष 2026: इन वस्तुओं की खरीदारी से बचें, वरना घर की सुख-शांति पर पड़ सकता है बुरा असर
पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों का सम्मान और पूजा करना अनिवार्य है, लेकिन इस दौरान कुछ विशेष चीजों को खरीदने से परहेज करना चाहिए। आइए जानते हैं कि इस अवधि में किन वस्तुओं को घर लाना वर्जित माना गया है।
पितृपक्ष 2026: आज से शुरू हुआ पूर्वजों का स्मरण काल, 15 दिनों में होंगे 16 श्राद्ध, जानिए किन 7 कार्यों से बनाना है दूरी
पितृपक्ष की शुरुआत के साथ ही अगले 15 दिनों तक दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी, जिसमें महालया के नियमों का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दौरान 15 तिथियों में कुल 16 श्राद्ध संपन्न होंगे, जो सर्वपितृ अमावस्या तक चलेंगे।
पितृपक्ष 2026: जानिए किस तिथि को करना चाहिए अपने पूर्वजों का श्राद्ध, क्या है सही नियम
पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों को याद कर उनका श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। पंचांग के अनुसार श्राद्ध की सही तिथि का चुनाव करने की पूरी प्रक्रिया यहां समझें।
पितृपक्ष 2026: 27 सितंबर से शुरू होगा पूर्वजों का श्रद्धा पर्व, जानें श्राद्ध की तिथियां और सर्वपितृ अमावस्या का महत्व
वर्ष 2026 में पितृपक्ष का शुभारंभ 27 सितंबर से होने जा रहा है, जिसका समापन 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा। इस दौरान पूर्वजों के निमित्त किए जाने वाले श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान की पूरी जानकारी यहां उपलब्ध है।