उपनाम: राजस्थान
साढ़े चार सौ साल पुराना भोजासर: जहां मृत्युभोज को विदा कर शिक्षा बनी जीवन का लक्ष्य, आज पूरे प्रदेश की प्रेरणा
झुंझुनूं जिले का 450 वर्ष पुराना भोजासर गांव करीब 74 साल पहले मृत्युभोज पर रोक लगाकर शिक्षा और सामाजिक सुधार की मिसाल बन गया।
जिस कबाड़ को बेकार समझकर फेंक देते थे लोग, उसी से बने ऊंट, बाघ और भारत का नक्शा — नागौर में दिखेगा अनोखा नजारा
नागौर के जड़ा तालाब में नगर परिषद 28 लाख रुपए की लागत से वेस्ट टू वेल्थ पार्क तैयार कर रही है, जहां लोहे के पुराने कबाड़ से ऊंट, मोर, बाघ और भारत का नक्शा बनाया जा रहा है। यह जगह अब शहर का नया फोटो शूट पॉइंट बनती जा रही है।
सीकर में सालों पुराने जाम से जल्द मिलेगी मुक्ति, नवलगढ़ पुलिया के पास बनेगी 25 करोड़ की टू-लेन सड़क
सीकर शहर को जाम से राहत दिलाने के लिए नवलगढ़ पुलिया के पास 25 करोड़ रुपए की लागत से टू-लेन सड़क बनाई जाएगी, जो नए रेलवे ओवरब्रिज को कल्याण सर्किल से जोड़ेगी। वहीं 56.47 करोड़ की फोरलेन पुलिया का 90% काम पूरा हो चुका है।
जहां चूने के बदले खरीदा जाता था सोना, अब वहीं हैं 40 से अधिक डॉक्टर — हवेलियों को संवारने वाला राजपुरा
सीकर के राजपुरा गांव की पहचान कभी चूना पत्थर के कारोबार और सोने के आभूषणों से थी, लेकिन आज यह 'डॉक्टरों के गांव' के रूप में पूरे क्षेत्र में मशहूर है।
106 साल की उम्र में भी रोज 5 किमी पैदल चलते हैं मोतीलाल, सालभर खाए 100 किलो चना, घी-दूध पिया पानी की तरह
राजस्थान के करौली में रहने वाले 106 वर्षीय मोतीलाल सैनी आज भी रोजाना 4 से 5 किलोमीटर पैदल चलते हैं और खेतों में काम करते हैं। वे अपनी लंबी उम्र का राज देसी खानपान, भीगे चने, भरपूर घी-दूध और नशे से दूरी को मानते हैं।
राज्यसभा चुनाव: राजस्थान में भाजपा ने महिला को उम्मीदवार बनाकर निभाया 'नारी शक्ति वंदन' का वादा
राजस्थान में राज्यसभा की दो संभावित जीत वाली सीटों में से एक पर भाजपा ने राष्ट्रीय महासचिव अलका गुर्जर को प्रत्याशी बनाया है। इस फैसले से पार्टी ने महिलाओं के साथ-साथ गुर्जर समाज को भी साधने का प्रयास किया है।
हरियाली की ओर बढ़ता भीलवाड़ा, लाखों पौधों के साथ बड़े वृक्षारोपण अभियान की तैयारी
टेक्सटाइल सिटी के नाम से मशहूर भीलवाड़ा को हरा-भरा बनाने के लिए जिले की 17 नर्सरियों में लाखों पौधे तैयार किए गए हैं, जिन्हें आने वाले कार्यक्रमों में अलग-अलग जगहों पर लगाया जाएगा।
नागौर को मिलेगी नई पहचान! मेड़ता रोड रेलवे स्टेशन पर झलकेगी मारवाड़ की संस्कृति, जानें कैसा होगा भव्य बदलाव
नागौर जिले के मेड़ता रोड रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास मारवाड़ की पारंपरिक कला और स्थापत्य शैली के अनुरूप किया जाएगा। आधुनिक सुविधाओं के साथ यह स्टेशन क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बनकर उभरेगा।
रेगिस्तान में टेक्नोलॉजी का जलवा: न पानी की दरकार, न ज्यादा मजदूर; स्मार्ट रोबोट ऐसे चमकाएंगे सोलर पैनल
जोधपुर में तैयार किए जा रहे मॉड्यूल क्लीनिंग रोबोट बिना पानी के सोलर पैनलों की सफाई कर रहे हैं, जिससे बिजली उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ मैनपावर और पानी दोनों की बचत हो रही है।