उपनाम: राजस्थान पर्यटन
चम्बल बनी राजस्थान का ‘मिनी गोवा’! नीला पानी, रोमांचक बोटिंग और विदेश जैसा नजारा देख पर्यटक मंत्रमुग्ध
राजस्थान की चम्बल नदी अपने शांत वातावरण, स्वच्छ नीले पानी और रोमांचक नौकायन के चलते पर्यटकों के बीच ‘मिनी गोवा’ के रूप में पहचान बना रही है। कोटा क्षेत्र की पर्यटन सुविधाएं और रिवर फ्रंट इस लोकप्रियता को नई ऊंचाई दे रहे हैं।
डीग के ऐतिहासिक भवनों की भव्यता, जहां वास्तुकला और इतिहास मिलकर मोहते हैं मन
राजस्थान के डीग में स्थित केशव भवन, नंद भवन, सूरज भवन, हरदेव भवन और जल भवन अपनी भव्य वास्तुकला, शाही इतिहास और अनूठी जल संरचनाओं के लिए जाने जाते हैं। मुगल और राजपूताना शैली का संगम पेश करते ये भवन देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
चिड़ियाघर को कहें अलविदा, माउंट आबू की इन 6 जगहों पर मिलता है असली जंगल सफारी का रोमांच
राजस्थान के इकलौते हिल स्टेशन माउंट आबू में प्राकृतिक आवास में वन्यजीवों को निहारने के कई शानदार विकल्प मौजूद हैं, जहां तेंदुए, भालू और लंगूर खुलेआम घूमते दिखते हैं। टाइगर पाथ से लेकर ट्रेवर टैंक तक ये 6 जगहें रोमांच के शौकीनों को जरूर देखनी चाहिए।
खाटूश्याम के जाम से जल्द मिलेगी मुक्ति, इसी महीने चालू होगी मंढा-खाटूश्यामजी पुलिया
मंढा-खाटूश्यामजी पुलिया का निर्माण करीब 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है और इसे इसी महीने शुरू करने की तैयारी है, जिससे खाटूश्यामजी धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
दिल्ली विजय की निशानी: भरतपुर किले का अष्टधातु द्वार आज भी बयां करता है जाट शौर्य की गाथा
भरतपुर किले के पूर्वी द्वार पर स्थापित अष्टधातु का यह ऐतिहासिक द्वार जाट वीरता और स्वाभिमान का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि महाराजा जवाहर सिंह इसे 1765 में दिल्ली विजय के दौरान भरतपुर लाए थे।
कांतली नदी के तट पर बसा कांवट: 500 वर्ष पुराने मंदिर और भव्य हवेलियों से क्यों चर्चा में है यह कस्बा?
सीकर जिले का कांवट कस्बा अपने करीब 500 साल पुराने मंदिरों, आली-गीली शैली की हवेलियों और शेखावाटी की समृद्ध स्थापत्य कला के कारण धार्मिक आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।