खुशखबरी: मॉनसून की दस्तक के साथ खुला राजस्थान का 'मिनी कश्मीर', सैलानियों के लिए जन्नत बना गोरम घाट राजस्थान 4 दिन पहले 7
मॉनसून नजदीक आते ही राजस्थान के 'मिनी कश्मीर' कहे जाने वाले गोरम घाट के गेट पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं। हरियाली, झरनों और ऐतिहासिक रेलवे ट्रैक से भरा यह इलाका सैलानियों को खूब लुभा रहा है।

तपती गर्मी और चिपचिपी उमस से परेशान होकर अगर आप किसी ऐसी जगह जाने की तलाश में हैं जहां चारों ओर हरियाली बिछी हो, पहाड़ों को छूते बादल गुजरते हों और ठंडी हवाएं आपका स्वागत करें, तो इसके लिए कश्मीर या हिमाचल तक जाने की जरूरत नहीं है। राजस्थान में ही एक ऐसी जगह मौजूद है, जहां पहुंचते ही लोगों को कश्मीर जैसा एहसास होने लगता है। राजस्थान का यह 'मिनी कश्मीर' अब पूरी तरह सैलानियों के स्वागत के लिए तैयार है।

मॉनसून आते ही खुले गोरम घाट के द्वार

मॉनसून की तारीख नजदीक आते ही राजस्थान के 'मिनी कश्मीर' के नाम से मशहूर गोरम घाट के गेट पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं। आसमान में छाए बादलों और सुहावने मौसम के साथ यहां प्रकृति का एक निराला रूप दिखने लगा है। यही वजह है कि इन दिनों यहां पहुंचने वाले पर्यटकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। हालत यह है कि गोरम घाट के भीतर जाने वाले गेट पर गाड़ियों का जाम तक लग जाता है, क्योंकि बारिश के मौसम में यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं रह जाती।

अंग्रेजों के दौर की इंजीनियरिंग का नमूना

करीब 1930 के आसपास अंग्रेजी शासनकाल में मारवाड़ और मेवाड़ को आपस में जोड़ने के लिए इस दुर्गम पहाड़ी इलाके में रेलवे लाइन बिछाई गई थी। उस दौर की इंजीनियरिंग का यह बेजोड़ नमूना आज भी लोगों को हैरत में डाल देता है। यहां बने ऊंचे रेलवे पुल, सुरंगें और घुमावदार पटरियां इस रास्ते को बेहद रोमांचक बना देती हैं। जब ट्रेन इन पुलों से होकर गुजरती है, तो आसपास फैली हरियाली और गहरी घाटियों का दृश्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है।

मॉनसून में और भी निखर जाता है नजारा

बारिश के मौसम में गोरम घाट का दृश्य और भी अद्भुत हो उठता है। चारों ओर बिछी हरियाली, पहाड़ियों से गिरते झरने और बादलों से घिरी घाटियां किसी स्वर्ग का आभास कराती हैं। यही कारण है कि हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक प्रकृति का आनंद लेने और फोटोग्राफी के लिए यहां पहुंचते हैं। घने जंगल, ऊंची पहाड़ियां और प्राकृतिक झरने इस जगह को और भी खास बना देते हैं। यहां का शांत और ताजगी से भरा माहौल शहर की भागदौड़ से दूर सुकून का एहसास कराता है।

एडवेंचर और फोटोग्राफी के शौकीनों की पसंद

अरावली की पहाड़ियों की गोद में बसा गोरम घाट प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर के दीवानों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। यहां का सबसे बड़ा आकर्षण इसका ऐतिहासिक रेलवे ट्रैक और शानदार पुल हैं, जो बीते दौर की इंजीनियरिंग की बेमिसाल मिसाल पेश करते हैं। घने जंगलों और पहाड़ों के बीच से गुजरतीं कई प्राकृतिक सुरंगें इस सफर का रोमांच दोगुना कर देती हैं। अगर आपको रोमांच पसंद है, तो यहां ट्रैकिंग और एडवेंचर के बेहतरीन मौके आपका इंतजार कर रहे हैं। चारों तरफ फैली हरी-भरी वादियां और मनमोहक नजारे इसे फोटोग्राफी के लिए एक परफेक्ट ठिकाना बनाते हैं। यहां बहती ठंडी हवा और शांत वातावरण दिल और दिमाग को असीम सुकून देता है, जिससे शहरी जिंदगी की सारी थकान पल भर में गायब हो जाती है।

कैसे पहुंचें गोरम घाट

अगर आप सड़क मार्ग से यहां आना चाहते हैं तो यह जगह पाली से लगभग 74 किलोमीटर और उदयपुर से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। रेल मार्ग से आने वालों के लिए यहां का निकटतम रेलवे स्टेशन गोरम घाट ही है, जहां मारवाड़ जंक्शन से सीधे ट्रेन पहुंचती है। वहीं अगर आप हवाई मार्ग से यहां आना चाहते हैं, तो सबसे नजदीकी हवाई अड्डा महाराणा प्रताप एयरपोर्ट है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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