उपनाम: राजस्थान पर्यटन
खाटूश्यामजी मंदिर का बदलेगा स्वरूप: काशी विश्वनाथ की तर्ज पर बनेगा भव्य कॉरिडोर, रींगस रोड पर बनेगी 52 बीघा की हाईटेक पार्किंग
राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी धाम का कायाकल्प होने जा रहा है, जहां स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत भव्य कॉरिडोर और 52 बीघा भूमि पर आधुनिक पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है।
अलवर के सरिस्का में दिखेगा बाघों का रोमांच: जंगल की रहस्यमयी दुनिया पर बनेगी खास डॉक्यूमेंट्री
अलवर का सरिस्का टाइगर रिजर्व जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की डॉक्यूमेंट्री में नजर आएगा। केंद्रीय वन मंत्रालय ने इस परियोजना के लिए प्रसिद्ध वाइल्डलाइफ फिल्म निर्माता नल्लामुत्थु का चयन किया है, जो दो साल तक जंगल के हर पहलू को कैमरे में कैद करेंगे।
उदयपुर की बागौर की हवेली में मौजूद है दुनिया की सबसे बड़ी पगड़ी, जानें इसकी खासियत
राजस्थान के उदयपुर स्थित ऐतिहासिक बागौर की हवेली में दुनिया की सबसे विशाल पगड़ी रखी गई है, जो अपनी बनावट और आकार के कारण पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है।
भीलवाड़ा में मानसून का जादू: सम्मोड़ी गांव की बंद खदान बनी लोगों का नया पसंदीदा पर्यटन स्थल
राजस्थान के भीलवाड़ा में मानसून ने सम्मोड़ी गांव की एक पुरानी और बंद पड़ी खदान को एक बेहद खूबसूरत प्राकृतिक पर्यटन स्थल में तब्दील कर दिया है, जहाँ पर्यटक हरियाली और साफ पानी के नजारों का लुत्फ उठाने पहुंच रहे हैं।
जालोर की रहस्यमयी सांड बावड़ी: वह प्राचीन धरोहर जहां जल से बदली जाती थी लोगों की किस्मत
राजस्थान के जालोर जिले में स्थित सांड बावड़ी न केवल अपनी स्थापत्य कला के लिए जानी जाती है, बल्कि यहां का जल प्राचीन काल में भाग्य बदलने वाला माना जाता था। स्थानीय मान्यताएं इसे साहस, सत्य और सफलता से जोड़कर देखती हैं।
200 साल पुराने जयपुर के हिंद होटल पर क्यों लगा ताला, क्या है इस ऐतिहासिक इमारत से जुड़ा विवाद?
जयपुर के त्रिपोलिया बाजार की शान रहा ऐतिहासिक हिंद होटल करीब दो दशकों से बंद है। शाही विरासत समेटे यह इमारत आज भी अपनी वास्तुकला के लिए पर्यटकों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
बीकानेर का गोगाजी मंदिर: सांप और बिच्छू के काटने पर यहां खींचे चले आते हैं भक्त, क्या है इसके पीछे की मान्यता
बीकानेर के अंबासर गांव में स्थित गोगाजी मंदिर अपनी अद्भुत मान्यताओं के लिए चर्चा में रहता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां के दर्शन मात्र से विषैले जीवों के काटने का असर खत्म हो जाता है।
जोधपुर की धार्मिक यात्रा: इन 5 प्रमुख मंदिरों में दर्शन के बिना अधूरी है आपकी ट्रिप
अगर आप जोधपुर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो शहर के इन 5 प्रसिद्ध मंदिरों के दर्शन जरूर करें। ये मंदिर न केवल आस्था का केंद्र हैं बल्कि अपनी अनूठी वास्तुकला के लिए भी जाने जाते हैं।
चित्तौड़गढ़ का कुम्भा महल: मेवाड़ की वीरता और मीराबाई की भक्ति का जीवंत प्रमाण
चित्तौड़गढ़ दुर्ग में स्थित कुम्भा महल न केवल अपनी वास्तुकला के लिए मशहूर है, बल्कि यह पन्नाधाय के त्याग और मीराबाई की भक्ति गाथाओं का गवाह भी है।
झालावाड़ का काकड़दा बना वन्यजीवों का नया बसेरा, कैमरे में कैद हुए मोर और नीलगायों के मनमोहक पल
राजस्थान के झालावाड़ जिले के काकड़दा क्षेत्र में नीलगायों और राष्ट्रीय पक्षी मोर की अठखेलियां देखने को मिल रही हैं, जो स्थानीय प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गया है।
सिरोही की रहस्यमयी अधरशिला: हवा में लटकी हुई यह चट्टान आज भी बनी है पर्यटकों के लिए कौतूहल का विषय
राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित अधरशिला का अद्भुत दृश्य पर्यटकों को हैरान कर देता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशाल चट्टान को देवराज इंद्र का वज्र भी अपनी जगह से नहीं हिला सका था।
खाटूश्याम जी में मेला संपन्न होने के बाद भी उमड़ रहा आस्था का सैलाब, तीन दिनों में 3.25 लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन
सीकर के प्रसिद्ध खाटूश्याम जी मंदिर में निर्जला एकादशी मेले के दौरान रिकॉर्ड तोड़ भीड़ उमड़ी, जिसे देखते हुए मंदिर कमेटी ने वीकेंड पर दर्शन के समय में महत्वपूर्ण बदलाव किया है।
बीकानेर की विरासत: हजार हवेलियों का शहर जहां की दीवारों में कैद है राजसी वैभव
राजस्थान के बीकानेर को हजार हवेलियों के शहर के रूप में जाना जाता है, जहां की अद्भुत नक्काशी और चित्रकारी सदियों पुरानी सांस्कृतिक समृद्धि की कहानी बयां करती है।
रायता हिल्स का जादू: नाम सुनकर चौंक जाते हैं लोग, उदयपुर की वादियों में बना नया टूरिस्ट स्पॉट
उदयपुर की खूबसूरती में अब रायता हिल्स का नाम भी शामिल हो गया है, जो अपने अनोखे नाम और प्राकृतिक सुंदरता के चलते पर्यटकों को खूब लुभा रहा है।
जालोर की ऐतिहासिक ताशखाना बावड़ी: क्या वाकई इस रहस्यमयी सुरंग का सीधा रास्ता किले तक जाता था?
राजस्थान के जालोर शहर में स्थित ताशखाना बावड़ी अपनी वास्तुकला के साथ-साथ कई अनसुलझे रहस्यों के लिए जानी जाती है, जिसके बारे में स्थानीय लोगों का मानना है कि यह एक गुप्त सुरंग से किले से जुड़ी थी।