उपनाम: पशु स्वास्थ्य
पशु स्वास्थ्य: क्या मानसून में भीगने से मवेशियों को हो सकता है निमोनिया? जानिए विशेषज्ञ की सलाह
बरसात के मौसम में पशुओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। पशु चिकित्सा विशेषज्ञ का कहना है कि लगातार बारिश में भीगने से मवेशियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, जिससे उनमें निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है।
मानसून में पिल्लों के लिए जानलेवा बन रहा पार्वो वायरस, ऐसे करें बचाव
बारिश के मौसम में खरगोन सहित कई इलाकों में पिल्लों के बीच पार्वो वायरस का प्रकोप बढ़ गया है, जो समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकता है। पशु चिकित्सकों ने पिल्लों में दिखने वाले शुरुआती लक्षणों को लेकर पालतू जानवरों के मालिकों को सावधान किया है।
मानसून में पशुओं के लिए काल है ये जहरीली घास, गाय-भैंस को बचाने के लिए अभी बरतें ये सावधानियां
बरसात के मौसम में खेतों में उगने वाली कुछ जहरीली घास दुधारू पशुओं के लिए बेहद घातक साबित हो सकती है, जिससे उनके स्वास्थ्य और दूध उत्पादन पर बुरा असर पड़ता है। पशुपालकों को इन खरपतवारों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित रखने की सख्त जरूरत है।
पालतू कुत्तों को भूलकर भी न खिलाएं ये चीजें, पशु चिकित्सक ने दी सेहत बिगड़ने की चेतावनी
घर के पालतू कुत्तों को दूध-रोटी या मसालेदार खाना देना उनके पाचन तंत्र को खराब कर सकता है. बोकारो के एक पशु चिकित्सक ने कुत्तों के लिए नुकसानदायक चीजों की सूची साझा की है.
बारिश के मौसम में बकरियों की सेहत का रखें खास ख्याल, इन 4 देसी पत्तों से बढ़ाएं उनकी इम्यूनिटी
बरसात के दौरान बकरियों में बीमारियों और पेट के कीड़ों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सहजन, गिलोय, अमरूद और नीम की पत्तियां खिलाकर आप उन्हें स्वस्थ रख सकते हैं और उनका वजन भी बढ़ा सकते हैं।
बरसात के मौसम में पशुओं की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं ये 3 टीके, दूध उत्पादन पर नहीं पड़ेगा बुरा असर
छत्तीसगढ़ में मानसून के दौरान पशुओं को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए पशुधन विभाग ने निशुल्क टीकाकरण अभियान शुरू किया है। विशेषज्ञ गलघोंटू, लंगड़ी बुखार और खुरपका-मुंहपका जैसी बीमारियों से बचाव के लिए पशुपालकों को जागरूक कर रहे हैं।
सावधान! दूध दुहने की ये आम गलती कहीं आपके पशु को अपंग न बना दे, डॉक्टर से जानिए सही तरीका
पशुपालन के दौरान दूध निकालने की गलत विधि आपके दुधारू पशुओं के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि सही तकनीक अपनाकर न केवल पशुओं को बीमारियों से बचाया जा सकता है, बल्कि दूध उत्पादन में भी बढ़ोतरी की जा सकती है।
रांची की महिलाओं ने बनाया पशुओं के लिए खास 'मिक्स ऑयल', घर की रसोई की सामग्री से तैयार हुआ रामबाण
झारखंड की राजधानी रांची की महिलाओं ने एक अनोखा देसी तेल तैयार किया है जो गाय, भैंस और बकरियों के स्वास्थ्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अजवाइन, लहसुन और सरसों के तेल से बना यह मिश्रण पशुओं की कई बीमारियों में बेहद असरदार साबित हो रहा है।
कुत्तों को दूध और रोटी देना पड़ सकता है भारी, जानिए उनकी सेहत के लिए क्या है सही डाइट
पालतू कुत्तों को दूध और रोटी खिलाना आम बात है, लेकिन पशु चिकित्सकों के अनुसार यह उनकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। जानिए संतुलित आहार से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें जो आपके डॉग की इम्यूनिटी बढ़ाएंगी।
पशुपालक सावधान: बचत के चक्कर में मवेशियों को भूलकर भी न दें ऐसा खाना, जा सकती है उनकी जान
जहानाबाद की पशु चिकित्सक डॉक्टर रानी ने चेतावनी दी है कि शादी-ब्याह का बचा हुआ भोजन, शीरा और मैदे का आटा मवेशियों को खिलाने से उनमें जानलेवा 'अफरा' बीमारी हो सकती है।
मानसून में पशुओं की सेहत का रखें खास ख्याल, खुर की इस समस्या से घट सकता है दूध का उत्पादन
बरसात के दिनों में नमी और कीचड़ के कारण पशुओं के खुरों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। भीलवाड़ा के विशेषज्ञों ने दूध उत्पादन सुरक्षित रखने के लिए कुछ आसान घरेलू उपाय बताए हैं।
बारिश से पहले पशुओं को जरूर कराएं डीवार्मिंग, विशेषज्ञ से समझें एल्बेंडाजोल की सही खुराक और दूध बढ़ाने का तरीका
झारखंड में मानसून दस्तक देने वाला है, ऐसे में पशु विशेषज्ञ का कहना है कि समय रहते डीवार्मिंग कराने से पशुओं को पेट के कीड़ों से बचाया जा सकता है और दूध उत्पादन भी बेहतर होता है।
मुफ्त में मिलने वाली यह चीज है पशुओं की 'किशमिश', गायों को खिलाते ही दूध से भर जाएगी बाल्टी
ग्रामीण इलाकों में प्राकृतिक रूप से मिलने वाला महुआ पशुओं के लिए पौष्टिक आहार माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार सीमित मात्रा में इसे खिलाने से दुधारू पशुओं का दूध उत्पादन बढ़ता है और सेहत भी सुधरती है।
खेतों में पनप रहा 'साइलेंट किलर', एक निवाला चारा और तड़पकर दम तोड़ रहे पशु — कहां हो रही चूक?
गर्मी और पानी की कमी से ज्वार-बाजरे के सूखते पौधों में 'साइनोसाइड' नामक जहरीला तत्व बन जाता है, जो चारे के रूप में खाने पर पशुओं की जान ले सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने पशुपालकों को नियमित सिंचाई और सूखा-सिकुड़ा चारा न खिलाने की सख्त सलाह दी है।
बरसात में पशुओं पर मंडराया बीमारियों का खतरा: गलाघोटू से 24 घंटे में मौत, लंगड़ा बुखार और खुरपका-मुंहपका भी घातक; जानिए लक्षण और बचाव
बरसात के मौसम में नमी, कीचड़ और दूषित पानी के कारण पशुओं में संक्रमण तेजी से फैलता है। गलाघोटू जैसी बीमारी तो 24 घंटे के भीतर पशु की जान ले सकती है, जिससे पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।