उपनाम: पूजा विधि
नाग पंचमी 2026: इन गलतियों से नाराज हो सकते हैं नाग देवता, उज्जैन के पंडित से जानें पूजा के खास नियम
नाग पंचमी के पावन अवसर पर नाग देवता की विशेष पूजा से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है, लेकिन कुछ वर्जित कार्यों से बचना बेहद जरूरी है। जानिए उज्जैन के ज्योतिषाचार्य के अनुसार क्या करें और किन कामों से परहेज करें।
नाग पंचमी 2026: 16 या 17 अगस्त कब है सही तारीख, उज्जैन के ज्योतिषाचार्य से जानें शुभ मुहूर्त
नाग पंचमी 2026 की सही तारीख को लेकर चल रही उलझन अब समाप्त हो गई है। उज्जैन के विद्वान ज्योतिषाचार्यों ने पंचांग के आधार पर स्पष्ट किया है कि इस वर्ष नागों के पूजन का उत्सव किस दिन मनाया जाना श्रेष्ठ होगा।
समय की कमी है तो पढ़ें 'एक श्लोकी रामायण', जानिए इस चमत्कारी श्लोक का अर्थ और जाप करने की विधि
अगर आप पूरी रामायण पढ़ने का समय नहीं निकाल पाते हैं, तो 'एक श्लोकी रामायण' का पाठ करना बेहद फलदायी माना जाता है। इस एक श्लोक में भगवान श्रीराम के संपूर्ण जीवन का सार छिपा है, जिसके जाप से भक्तों को विशेष लाभ मिलता है।
सावन का पहला प्रदोष व्रत कब है, उज्जैन के ज्योतिषाचार्य से जानिए सही तारीख और शुभ मुहूर्त
सावन माह में भगवान शिव की कृपा पाने के लिए प्रदोष व्रत का बड़ा महत्व है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य से जानिए अगस्त महीने में पड़ने वाले इस पहले प्रदोष व्रत की सटीक तिथि और पूजा का शुभ समय।
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026: इस तारीख से शुरू हो रही है गुप्त साधना, जानें ज्योतिषाचार्य से पूजा विधि, मंत्र और दान का सही नियम
साल 2026 में आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई तक चलेगी। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इन नौ दिनों में देवी दुर्गा की विशेष पूजा और दान-पुण्य करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा क्यों है इतनी खास? किन लोगों के लिए यह उपाय है रामबाण
सनातन परंपरा में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव को समर्पित है। इस दिन केले के पेड़ की पूजा करने से न केवल आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं, बल्कि दांपत्य जीवन में भी मधुरता आती है।
मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए शुक्रवार को अर्पित करें ये 5 विशेष फूल, बरसेगा धन और वैभव
शुक्रवार का दिन धन की देवी मां लक्ष्मी को समर्पित होता है और इस दिन विशेष फूल अर्पित करने से आर्थिक तंगी दूर होकर सुख-समृद्धि का आगमन होता है। आइए जानते हैं किन फूलों से प्रसन्न होती हैं माता लक्ष्मी और क्या है इनका धार्मिक महत्व।
शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को खीर का भोग क्यों चढ़ाते हैं? जानें पूजा के नियम और इसका धार्मिक महत्व
शुक्रवार का दिन धन की देवी माता लक्ष्मी की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन उन्हें खीर का भोग अर्पित करना अत्यंत शुभ है, जिससे घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है और शुक्र ग्रह के दोष दूर होते हैं।
पूजा में नारियल का इस्तेमाल क्यों है अनिवार्य? जानिए त्रिदेव से जुड़ा इसका गहरा धार्मिक रहस्य
हिंदू धर्म में नारियल को श्रीफल के नाम से जाना जाता है और पूजा के हर शुभ कार्य में इसे विशेष महत्व दिया जाता है। जानिए क्यों नारियल को ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक माना गया है और इसका आध्यात्मिक अर्थ क्या है।
मंदिर में घंटी बजाने का क्या है धार्मिक महत्व और सही नियम, जानें यहाँ
हिंदू धर्म में मंदिरों में घंटी बजाने की परंपरा बहुत पुरानी है, जो केवल एक रस्म नहीं बल्कि इसके पीछे गहरे आध्यात्मिक और वैज्ञानिक कारण छिपे हैं।
निर्जला एकादशी 2026: पूजा के दौरान इन दो आरतियों का पाठ है अनिवार्य, यहाँ देखें पूरे शब्द
निर्जला एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए सबसे उत्तम माना गया है। पूजा को पूर्ण करने के लिए इन दो आरतियों का गायन अत्यंत फलदायी होता है।
निर्जला एकादशी 2026: जानिए इस दिन का महत्व और क्यों इसे माना जाता है सबसे खास
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी को हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि इस दिन बिना जल और अन्न के व्रत रखने से पूरे साल की एकादशियों का पुण्य मिल जाता है।
गायत्री जयंती 2026: गायत्री मंत्र जाप की सही विधि, नियम और मंत्र का अर्थ
वर्ष 2026 में 25 जून को मनाई जाने वाली गायत्री जयंती के अवसर पर जानें गायत्री मंत्र के जाप की विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व के बारे में विस्तार से।
मंदिर में दीपक जलाने के सही नियम और विधि, जानें क्या कहती है मान्यता
हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान दीपक जलाना अनिवार्य माना गया है. जानिए घर के मंदिर में दीपक जलाते समय किन नियमों का पालन करना चाहिए और इसका सही समय क्या है.
आखिरी बड़े मंगल पर करें बजरंगबली की विशेष पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त और विधि
ज्येष्ठ माह के अंतिम बड़े मंगल पर हनुमान जी की उपासना का विशेष महत्व है। इस लेख में जानिए पूजा का सही समय, विधि और प्रभावी मंत्र।