उपनाम: पूजा विधि
शारदीय नवरात्र 2026: 11 अक्टूबर से शुरू हो रहा महापर्व, जानें कलश स्थापना की सही विधि और जरूरी नियम
11 अक्टूबर 2026 से शारदीय नवरात्र का शुभारंभ होने जा रहा है। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए कलश स्थापना से जुड़े महत्वपूर्ण नियम और पूरी प्रक्रिया, ताकि आप विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की आराधना कर सकें।
इंदिरा एकादशी 2026: जानिए पूजा की सही विधि और पितरों को मोक्ष दिलाने वाले शुभ मुहूर्त
आगामी 6 अक्टूबर 2026 को इंदिरा एकादशी का व्रत मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की आराधना करने से न केवल पुण्य फलों की प्राप्ति होती है, बल्कि पूर्वजों को भी मुक्ति का मार्ग मिलता है।
इंदिरा एकादशी 2024: इस दिन व्रत से धुल जाएंगे सभी पाप, अयोध्या के पंडित से जानें पूजा का सही तरीका
भगवान विष्णु को समर्पित इंदिरा एकादशी का व्रत इस वर्ष 6 अक्टूबर को रखा जाएगा। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर सभी पापों से मुक्ति मिलती है।
शुक्रवार के विशेष उपाय: मां लक्ष्मी की कृपा से दूर होंगी आर्थिक समस्याएं और बढ़ेगा सुख-सौभाग्य
सप्ताह का शुक्रवार का दिन धन की देवी माता लक्ष्मी को समर्पित है और इस दिन किए गए कुछ खास उपाय जीवन की बाधाओं को दूर कर सकते हैं। आचार्य इंदु प्रकाश द्वारा बताए गए इन अचूक उपायों को अपनाकर आप अपने घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास सुनिश्चित कर सकते हैं।
अशून्य शयन द्वितीया: दांपत्य सुख और आपसी प्रेम बढ़ाने के लिए अपनाएं ये विशेष उपाय
28 सितंबर 2026 को मनाई जाने वाली अशून्य शयन द्वितीया पति-पत्नी के रिश्ते में प्रगाढ़ता लाने का एक विशेष पर्व है, इस दिन किए गए उपाय वैवाहिक जीवन को सुखद और समृद्ध बनाते हैं।
विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी 2026: 29 सितंबर को है विशेष दिन, जानें पूजा की संपूर्ण विधि, शुभ मुहूर्त और गणेश मंत्र
आश्विन माह की विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी इस वर्ष 29 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। इस लेख में जानिए बप्पा की कृपा पाने के लिए पूजा विधि, महत्वपूर्ण मुहूर्त और विशेष मंत्रों की विस्तृत जानकारी।
विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी: 29 या 30 सितंबर, व्रत और पूजा की सही तारीख व विधि जानें
आश्विन मास की विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी इस साल बेहद खास संयोग लेकर आ रही है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार यह व्रत 29 सितंबर को रखा जाएगा और इसका विशेष महत्व है।
भाद्रपद पूर्णिमा 2026: जानिए पूजा की संपूर्ण विधि और शुभ मुहूर्त, मां लक्ष्मी का मिलेगा आशीर्वाद
भाद्रपद पूर्णिमा के दिन दान-पुण्य और विधिवत पूजा करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस वर्ष 26 सितंबर को पूर्णिमा का व्रत और स्नान किया जाएगा, जिसकी विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है।
भाद्रपद पूर्णिमा पर हो रहा है पितृ पक्ष का शुभारंभ, जानें किन बातों का रखें खास ख्याल
भाद्रपद पूर्णिमा 26 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी और इसी दिन से पितृ पक्ष की शुरुआत भी हो रही है। इस खास मौके पर किन धार्मिक नियमों का पालन करना अनिवार्य है और किन कार्यों से दूरी बनानी चाहिए, विस्तार से जानें।
अनंत चतुर्दशी 2026: आज रवि योग में मनाई जा रही है अनंत चतुर्दशी, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और 14 गांठों वाले अनंत सूत्र का महत्व
आज देशभर में अनंत चतुर्दशी का पावन पर्व मनाया जा रहा है, जिसमें रवि योग का दुर्लभ संयोग बना है। यह दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा और 10 दिवसीय गणेश उत्सव के समापन का प्रतीक है।
अनंत चतुर्दशी 2026: जानिए व्रत की सही तिथि, पूजा विधि और 14 गांठ वाले अनंत सूत्र का महत्व
सनातन धर्म में अनंत चतुर्दशी का पर्व भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत विशेष माना जाता है। इस दिन अनंत सूत्र बांधकर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है, जानें पूजा की पूरी विधि।
भाद्रपद पूर्णिमा 2026: स्नान, दान और व्रत की सही तारीख व शुभ मुहूर्त को लेकर संशय करें दूर
सनातन धर्म में भाद्रपद पूर्णिमा का दिन अत्यधिक पुण्यदायी माना जाता है, जो इस वर्ष 26 सितंबर को मनाया जाएगा। इस विशेष दिन पर किए जाने वाले स्नान, दान और पूजा के शुभ समय के बारे में विस्तार से जानें।
परिवर्तिनी एकादशी 2026: व्रत की तिथि, भोग, मंत्र और पूजा के जरूरी नियम
22 सितंबर 2026 को परिवर्तिनी एकादशी का व्रत मनाया जाएगा, जिसमें भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा का विशेष विधान है। जानिए इस दिन की पूजा सामग्री, मंत्र और पारण का सही समय।
महालक्ष्मी व्रत 2026: 16 दिनों तक चलने वाले इस महाअनुष्ठान की संपूर्ण पूजा विधि और उद्यापन के नियम जानें
भाद्रपद शुक्ल अष्टमी से महालक्ष्मी व्रत की शुरुआत हो रही है, जो पूरे 16 दिनों तक चलता है। धन और समृद्धि की देवी को प्रसन्न करने के लिए इस व्रत की पूजन पद्धति और समापन के नियमों को विस्तार से समझें।
राधाष्टमी 2026: सौभाग्य योग में आज राधारानी का जन्मोत्सव, जानें पूजा विधि और आरती
आज भाद्रपद शुक्ल अष्टमी तिथि पर राधाष्टमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है, जिसमें पूजा के लिए केवल 2 घंटे 27 मिनट का विशेष शुभ मुहूर्त है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से राधारानी की पूजा करने से सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।