हरतालिका तीज पर विवाह की बाधाएं दूर करने के अचूक उपाय धर्म एक घंटा पहले 4
सोमवार को मनाई जाने वाली हरतालिका तीज न केवल सुहागिनों के लिए बल्कि कुंवारी कन्याओं के लिए भी बेहद खास है। यदि विवाह में देरी हो रही है, तो इन सरल उपायों को अपनाकर आप मनचाहा जीवनसाथी पा सकती हैं।

हरतालिका तीज का महत्व और उपवास

इस बार सोमवार को हरतालिका तीज का पावन पर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखद वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए कठोर निर्जला उपवास रखती हैं। करीब 24 घंटे तक बिना जल के रहने के बाद महिलाएं अगले दिन सूर्योदय होने पर अपना व्रत खोलती हैं। यह व्रत केवल विवाहित महिलाएं ही नहीं, बल्कि कुंवारी कन्याएं भी पूरे विधि-विधान से करती हैं। शास्त्रों में मान्यता है कि हरतालिका तीज का व्रत करने से विवाह के योग जल्दी बनते हैं और मनचाहा वर प्राप्त होता है। यदि आपके विवाह में किसी भी प्रकार की अड़चन आ रही है, तो इस दिन बताए गए विशेष उपाय आपके लिए बहुत प्रभावी साबित हो सकते हैं।

मनचाहा वर पाने का उपाय

यदि आप अपने लिए उत्तम और मनचाहा जीवनसाथी पाना चाहती हैं, तो पूजा के दौरान माता पार्वती को हल्दी की 5 गांठें अर्पित करें। इसके बाद श्रद्धापूर्वक ॐ नमः शिवाय या फिर ॐ गौर्ये नमः मंत्र का 108 बार जाप करें। ऐसा करने से शीघ्र ही आपकी मनोकामना पूर्ण होने के योग बनते हैं।

जल्द विवाह के लिए विशेष विधि

जल्दी विवाह के बंधन में बंधने के लिए पूजा के समय लाल कपड़े या मौली का उपयोग करें। इस मौली से भगवान शिव और माता पार्वती का गठबंधन करें। इस दौरान ॐ नमः शिवाय या ॐ गौरीशंकराय नमः मंत्र का उच्चारण करना बहुत शुभ माना गया है। यह उपाय वैवाहिक जीवन की शुरुआत के लिए द्वार खोलता है।

विवाह की अड़चनें कैसे मिटाएं

शादी में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए हरतालिका तीज के दिन किसी कन्या को वस्त्र और मिठाई का दान करना बहुत फलदायी होता है। साथ ही, शाम के समय किसी पास के मंदिर में जाकर चने की दाल, हल्दी और पीले फलों का दान अवश्य करें। माना जाता है कि इन उपायों से विवाह की सभी रुकावटें स्वतः समाप्त हो जाती हैं। यदि विवाह में बहुत अधिक देरी हो रही है और कहीं से भी रिश्ता पक्का नहीं हो पा रहा है, तो माता पार्वती के चरणों में हल्दी की 11 गांठें अर्पित करें। प्रार्थना करते समय मन में पूर्ण विश्वास रखें कि आपकी इच्छा जल्द पूरी होगी।

हरतालिका तीज 2026 शुभ मुहूर्त

व्रत और पूजा के लिए शुभ समय का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। वर्ष 2026 के मुख्य मुहूर्त इस प्रकार हैं:

  • तृतीया तिथि का आरंभ: 13 सितंबर 2026 को सुबह 7 बजकर 8 मिनट पर।
  • तृतीया तिथि की समाप्ति: 14 सितंबर 2026 को सुबह 7 बजकर 6 मिनट पर।
  • प्रातःकाल हरितालिका पूजा का शुभ मुहूर्त: 14 सितंबर 2026 को सुबह 6 बजकर 26 मिनट से लेकर सुबह 7 बजकर 6 मिनट तक।
  • प्रदोष काल पूजा का मुहूर्त: 14 सितंबर 2026 को शाम 5:54 बजे से रात 8:22 बजे तक।
प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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