60 हजार की नौकरी करने वाले नरेंद्र ने संभाली 150 परिवारों की जिम्मेदारी, मिसाल बन गई ये दरियादिली राष्ट्रीय राजनीति 2 घंटे पहले 4
तेलंगाना के गड़चंदा नरेंद्र अबू धाबी में रहकर खाड़ी देशों में मुसीबत में फंसे भारतीय मजदूरों के लिए एक सहारा बन गए हैं। वे अब तक 150 परिवारों तक उनके अपनों के शव पहुंचाने में मदद कर चुके हैं।

मुश्किल दौर में उम्मीद की किरण

अबू धाबी में काम करने वाले तेलंगाना के गड़चंदा नरेंद्र इन दिनों चर्चा में हैं। उनकी अपनी मासिक कमाई मात्र 60 हजार रुपये है, लेकिन वे अपनी मेहनत की कमाई से परे जाकर दूसरों की सेवा में जुटे हैं। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय मजदूरों के लिए नरेंद्र एक फरिश्ता बनकर सामने आए हैं। जब भी कोई परिवार पर संकट आता है, नरेंद्र उनकी मदद के लिए खड़े हो जाते हैं।

150 परिवारों को दी बड़ी राहत

नरेंद्र का काम बेहद भावुक और चुनौतीपूर्ण है। अब तक वे कुल 150 ऐसे मामलों में मदद कर चुके हैं, जहां भारतीय मजदूरों की मृत्यु विदेश में हो गई थी। इन परिवारों के लिए अपने प्रियजन का शव वापस पाना किसी बड़ी जंग से कम नहीं होता, लेकिन नरेंद्र ने इसे अपना मिशन बना लिया है। उन्होंने इन 150 शवों को सकुशल भारत भेजने की प्रक्रिया को आसान बनाया है।

निस्वार्थ सेवा का संकल्प

गड़चंदा नरेंद्र का यह कार्य समाज के लिए एक प्रेरणा है। वे खुद एक सामान्य नौकरी कर रहे हैं, फिर भी उन्होंने दूसरों के दुखों को अपना समझा। खाड़ी देशों में कई बार कानूनी पेचीदगियों के कारण शवों को वतन भेजना बहुत महंगा और कठिन हो जाता है। ऐसे में नरेंद्र का सहयोग कई गरीब परिवारों को न केवल मानसिक संबल देता है, बल्कि उन्हें बड़ी आर्थिक मुसीबत से भी बचा लेता है। उनकी इस दरियादिली ने न जाने कितने परिवारों को अपना अंतिम संस्कार सही तरीके से करने का सुकून दिया है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप