उपनाम: मेक इन इंडिया
राफेल पर बना '4C' फॉर्मूला, मोदी-मैक्रों की मुलाकात में बढ़ी रक्षा साझेदारी, भारत बनेगा फाइटर जेट तकनीक का केंद्र
फ्रांस दौरे पर पीएम मोदी की वार्ता में राफेल और रक्षा क्षेत्र में सह-विकास, सह-डिजाइन, सह-उत्पादन और सह-निर्माण पर आधारित साझेदारी को प्राथमिकता दी गई। इस सौदे के तहत 94 राफेल विमान भारत में बनाए जाएंगे और देश में इनकी कुल संख्या 200 के पार जा सकती है।
मोदी की फ्रांस यात्रा से पहले बड़ी पहल, राफेल की तकनीक भारत को सौंपने पर फ्रांस तैयार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा से ठीक पहले फ्रांस ने राफेल लड़ाकू विमानों के लिए तकनीक हस्तांतरण और भारतीय हथियारों के एकीकरण पर सहमति जताई है। भारत ने 114 अतिरिक्त राफेल विमानों की खरीद के लिए औपचारिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
भारत में बना पहला C-295 विमान आसमान में, जानिए क्यों ऐतिहासिक है यह कामयाबी
वडोदरा की फाइनल असेंबली लाइन में तैयार पहले स्वदेशी C-295 सैन्य परिवहन विमान ने अपनी पहली परीक्षण उड़ान सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। यह उपलब्धि 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।
मेड इन इंडिया C-295 विमान ने भरी पहली उड़ान, रक्षा उत्पादन में भारत ने रचा नया इतिहास
गुजरात के वडोदरा संयंत्र में निर्मित पहले एयरबस C-295 सैन्य परिवहन विमान ने अपनी पहली परीक्षण उड़ान सफलतापूर्वक पूरी कर ली है, जो मेक इन इंडिया और स्वदेशी रक्षा विनिर्माण के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
12 साल की मोदी सरकार: 'मेक इन इंडिया' से लेकर UPI तक, कैसे बदली देश और बिहार की तस्वीर
2014 में सत्ता संभालने के बाद से बीते वर्षों में सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में हुए बदलावों ने बिहार की विकास यात्रा को नई दिशा दी है, ऐसा बीजेपी का दावा है।
फ्रांस दौरे पर वायुसेना प्रमुख एपी सिंह, राफेल निर्माता डसॉल्ट से सीधी बातचीत; भारत-फ्रांस रक्षा रिश्ते नई ऊंचाई पर
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने तीन दिवसीय फ्रांस दौरे में मॉन्ट-डी-मार्सां एयर कॉम्बैट सेंटर पहुंचकर ए-400एम विमान में उड़ान भरी और डसॉल्ट, थेल्स, सफरान व एमबीडीए जैसी रक्षा कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। यह दौरा भारत-फ्रांस रक्षा सहय...
'मेड इन भारत' के पांच हथियार बने दुनिया की पसंद, रक्षा बाजार में बढ़ी भारत की धाक
आकाश मिसाइल, पिनाका, ATAGS तोप, स्वाति रडार और ब्रह्मोस जैसे स्वदेशी हथियार अब आर्मेनिया, फिलीपींस और वियतनाम समेत कई देशों की पसंद बन रहे हैं, जिससे भारत की रक्षा निर्यात क्षमता और वैश्विक पकड़ दोनों मजबूत हुई हैं।