उपनाम: मिडटर्म चुनाव
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव 2026: इन 10 भारतीय मूल के दिग्गजों पर टिकी है सबकी नजरें
अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को होने वाले मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के कई नेता गवर्नर, संसद और मेयर जैसे पदों के लिए मैदान में हैं। इनमें से 10 प्रमुख चेहरों के बारे में जानिए जो इस बार के चुनाव में बड़ी भूमिका निभाने जा रहे हैं।
अमेरिकी संविधान और तीसरी बार राष्ट्रपति बनने की चाह: डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने फिर गर्म की सियासत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर तीसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने की अपनी इच्छा जाहिर कर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। यद्यपि वह खुद मानते हैं कि कानून उन्हें ऐसा करने से रोकता है, फिर भी उन्होंने 2020 के चुनाव में कथित गड़बड़ी का हवाला देते हु...
फ्रांस की हिंसा पर अमेरिका में छिड़ी सियासी जंग: क्या इमिग्रेशन है असली वजह या आर्थिक संकट?
फ्रांस में फैली हिंसा और उपद्रव ने अमेरिका में राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है, जहाँ जेडी वेंस और रो खन्ना जैसे नेता इसके अलग-अलग कारणों पर आमने-सामने हैं।
डोनाल्ड ट्रंप की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लैविट ने दिया इस्तीफा, जानिए कौन हो सकता है अगला उत्तराधिकारी
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लैविट ने पारिवारिक कारणों से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद उनके पद को भरने के लिए चर्चाएं तेज हो गई हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य ने बढ़ाई डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें, ईरान से डील के लिए बड़ी शर्त छोड़ने को तैयार
ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संघर्ष को खत्म करने की राह तलाश रहे हैं। मिडटर्म चुनाव से पहले वे इस स्थिति को अपनी जीत की तरह पेश करने की कोशिश में हैं, जबकि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपनी कड़ी शर्तें सामने रख दी है...
ईरान युद्ध के बीच ट्रंप को मिली जीवनदान, महज 2 वोटों के अंतर से टला बड़ा राजनीतिक संकट
अमेरिकी संसद में राष्ट्रपति ट्रंप के ईरान विरोधी युद्ध अधिकारों को चुनौती देने वाला प्रस्ताव सीनेट में केवल 2 वोटों के अंतर से गिर गया, जिससे ट्रंप की युद्ध नीति को फिलहाल बड़ी राहत मिली है।
चीन से रिश्ता संभालने में जुटा अमेरिका, पर भीतर बनी हुई है तनातनी; भारत-चीन के बीच नई पहल के संकेत
पूर्व सहायक विदेश सचिव निशा देसाई बिस्वाल के मुताबिक अमेरिका आर्थिक कारणों से चीन के साथ स्थिर संबंध चाहता है, लेकिन टकराव की बुनियादी वजहें अब भी कायम हैं। उधर भारत और चीन भी सीमित सहयोग के रास्ते तलाश रहे हैं।