उपनाम: कच्चा तेल कीमत
रुपये बनाम डॉलर: क्या बुरे दिन वाकई खत्म, या अब भी गर्दन पर कसा रहेगा अमेरिकी सिक्का?
सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर पांच हफ्तों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया. कच्चे तेल की भारी गिरावट और आरबीआई के बड़े कदमों ने राहत तो दी है, पर डॉलर को पूरी तरह पछाड़ना अब भी चुनौती है.
एक दिन में दो बड़ी खुशखबरी, फिर से दौड़ने को तैयार भारत की इकोनॉमी, सीधे आपकी जेब को राहत
ईरान युद्ध समाप्ति की डील के बाद अब रूस भी यूक्रेन संकट खत्म करने को राजी होता दिख रहा है। दोनों मोर्चों पर शांति बनी तो तेल, खाद और रोजमर्रा की चीजों के दाम घटेंगे और भारतीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी।
होर्मुज स्ट्रेट से पीछे हटेगा अमेरिका, लेबनान पर हमला नहीं करेगा इजरायल; ईरान-अमेरिका शांति समझौते की 10 खास बातें
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के मसौदे पर सहमति बन गई है, जिस पर शुक्रवार को जेनेवा में औपचारिक हस्ताक्षर होंगे। समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट के दोबारा खुलने और वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
7.7% की रफ्तार से भागी भारतीय अर्थव्यवस्था, फिर भी क्यों मंडरा रहे संकट के बादल? समझें पूरे आंकड़े
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की GDP ग्रोथ 7.7% रही और चौथी तिमाही में अर्थव्यवस्था 7.8% की दर से बढ़ी, लेकिन कच्चे तेल, एल नीनो और वैश्विक तनाव जैसी चुनौतियां आगे विकास दर पर असर डाल सकती हैं।