उपनाम: गोबर की खाद
आजमगढ़: गोबर से महिलाएं कमा रहीं लाखों, 50 पैसे की लागत से होगी ₹2.37 करोड़ की कमाई
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में जिला प्रशासन ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए एक शानदार पहल शुरू की है, जिससे उन्हें गौशालाओं के गोबर से खाद बनाकर करोड़ों का मुनाफा होगा।
गोबर की खाद का सही इस्तेमाल: क्या आप भी धूप में खाद फैला रहे हैं? तो सावधान हो जाएं
खेतों में गोबर की खाद डालने का एक सही तरीका होता है। जानकारों के अनुसार तेज धूप में इसे खुला छोड़ने से इसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और मिट्टी को कोई फायदा नहीं मिलता।
दरभंगा के नवीन ने आंगन में उगाई शुद्ध परवल, 6 महीने से नहीं गए बाजार, पूरा परिवार खा रहा ताजी सब्जी
दरभंगा के नवीन कुमार पांडे ने घर के दरवाजे की खाली जमीन पर परवल की बेल लगाई और बीते 6 महीने से उनका 10 लोगों का परिवार बिना बाजार गए ताजी, केमिकल-मुक्त परवल खा रहा है।
आम के पेड़ से चाहिए ज्यादा और भारी फल, तो तुड़ाई के बाद अपनाएं यह तरीका
सहारनपुर के कृषि विशेषज्ञों के अनुसार 10 साल से अधिक उम्र के आम के पेड़ों में जिंक सल्फेट, कॉपर सल्फेट, सुहागा और नीला थोथा को गोबर की खाद के साथ मिलाकर डालने से पोषक तत्वों की कमी दूर होती है। इससे अगले सीजन में बेहतर गुणवत्ता और अधिक संख्या में फल मिलते...
पहाड़ी खेती का असली साथी है गोबर की खाद! न यूरिया की जरूरत, न DAP की — सालों तक मिलता है फायदा
उत्तराखंड के ढलानदार और सीढ़ीदार खेतों में पैदावार बढ़ाने और मिट्टी की उर्वरता कायम रखने में पशुओं का गोबर सबसे कारगर साबित हो रहा है। यह प्राकृतिक खाद मिट्टी का कटाव रोकने के साथ-साथ कम लागत में बेहतर मुनाफे का रास्ता भी खोलती है।
गोबर की खाद से जैविक सब्जियों की खेती, किचन गार्डन से हर महीने अच्छी आमदनी—जानिए विमला की मिसाल
गोंडा की गृहिणी विमला मौर्य ने घर की खाली जमीन को जैविक किचन गार्डन में बदलकर आत्मनिर्भरता की राह पकड़ी। इसी से होने वाली कमाई से वे घर का खर्च और बीमार पति का इलाज दोनों संभाल रही हैं।
गोबर खाद को सीधे खेत में डालना पड़ सकता है भारी, कृषि वैज्ञानिक से जानिए तैयार करने का सही तरीका
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गोबर को खुले में धूप में रखने से उसके लाभकारी जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। छायादार जगह पर नमी के साथ सड़ाकर तैयार की गई खाद ही फसल को दोगुना फायदा पहुंचाती है।
खेती की सलाह: जून-जुलाई में डालें गोबर की जैविक खाद, कम खर्च में पाएं हरी-भरी फसल और दोगुना उत्पादन
भरतपुर के ग्रामीण इलाकों में किसान जून और जुलाई के महीने में खेतों में गोबर की जैविक खाद डाल रहे हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता और नमी सोखने की क्षमता बढ़ती है तथा कम लागत में बेहतर पैदावार मिलती है।