उपनाम: भरतपुर
भरतपुर की सड़कों पर अब चहचहाएंगे दुर्लभ पक्षी, दीवारों पर उकेरी गई केवलादेव पार्क की खूबसूरती
राजस्थान के भरतपुर में शहर को सुंदर बनाने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की गई है, जिसके तहत शहर की दीवारों पर केवलादेव नेशनल पार्क में पाए जाने वाले दुर्लभ पक्षियों की आकर्षक पेंटिंग्स बनाई जा रही हैं। यह प्रयास न केवल शहर की सुंदरता को चार चांद लगा रहा है, बल...
भरतपुर का ऐतिहासिक गंगा मंदिर: राजस्थानी वास्तुकला और अटूट आस्था का अद्भुत केंद्र
राजस्थान के भरतपुर शहर के बीचों-बीच स्थित भव्य गंगा मंदिर अपनी अनूठी शिल्पकला और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है, जिसके जीर्णोद्धार से धार्मिक पर्यटन को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
भरतपुर का शाही गुलाब लड्डू: ₹1000 किलो की कीमत और अनोखे स्वाद का क्या है राज?
राजस्थान के भरतपुर में गुलाब लड्डू अपनी खास खुशबू और ड्राई फ्रूट्स के मेल के कारण बेहद मशहूर हो रहा है। शादी और त्योहारों के सीजन में इस मिठाई की भारी मांग देखी जा रही है।
भरतपुर के केवलादेव नेशनल पार्क में टर्टल सर्वे: पहली बार मिलीं कछुओं की 7 दुर्लभ प्रजातियां
राजस्थान के विश्व प्रसिद्ध केवलादेव नेशनल पार्क में आयोजित पहले टर्टल सर्वे के दौरान कछुओं की सात अलग-अलग प्रजातियों की पहचान की गई है, जो क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता को दर्शाता है।
भरतपुर की खास जगरे वाली बाटी: धुएं की सोंधी खुशबू और देसी घी का बेजोड़ स्वाद
भरतपुर की प्रसिद्ध जगरे वाली बाटी अपनी पारंपरिक विधि और उपलों की आंच पर पकाने के खास अंदाज के लिए मशहूर है। इस लेख में जानिए इस लज़ीज़ बाटी की खासियत और इसे बनाने का सही तरीका।
भरतपुर के केवलादेव नेशनल पार्क में मानसून का जादू, पक्षियों की चहचहाहट से गूंजा इलाका
मानसून की बारिश के साथ ही भरतपुर के मशहूर केवलादेव नेशनल पार्क में रौनक लौट आई है। जलभराव और अनुकूल मौसम के चलते यहां देशी और विदेशी पक्षियों की तादाद तेजी से बढ़ रही है।
भरतपुर की 'चीते वाली गली': जहां कभी गूंजती थी शाही शिकार के जानवरों की दहाड़
राजस्थान के भरतपुर में स्थित एक गली आज भी अपने अनोखे नाम 'चीते वाली गली' के जरिए राजशाही दौर की यादें ताजा रखती है, जहां कभी शाही परिवार के लिए चीते और शेर पाले जाते थे।
भरतपुर के लालपुर गांव की अनोखी पहचान: हाथों से बनी देसी जूतियों की देश भर में मची धूम
राजस्थान के भरतपुर जिले का लालपुर गांव अपनी हस्तशिल्प कला के लिए चर्चा में है। यहाँ के कारीगर पीढ़ियों से हाथों से जूतियां तैयार कर रहे हैं, जिनकी मांग शहरों तक पहुँच चुकी है।
भरतपुर में जाट आरक्षण सभा के दौरान हंगामा, हनुमान बेनीवाल की टिप्पणी से नाराज होकर मंच छोड़कर निकले भाजपा विधायक
भरतपुर की जाट आरक्षण हुंकार सभा में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता हनुमान बेनीवाल द्वारा मुख्यमंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणी पर विवाद हो गया, जिसके चलते भाजपा विधायकों ने मंच छोड़ दिया।
भरतपुर के किसान बने मालामाल, परंपरागत खेती छोड़ बागवानी से बदल रही है किस्मत
राजस्थान के भरतपुर जिले में किसान पारंपरिक फसलों को छोड़कर बागवानी की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
भरतपुर का मनसा देवी मंदिर: जहां एक साथ शीश झुकाते हैं हिंदू और मुस्लिम
राजस्थान के भरतपुर में स्थित मनसा देवी मंदिर सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक बना हुआ है, जहां दोनों धर्मों के लोग अटूट आस्था के साथ दर्शन के लिए आते हैं।
भरतपुर की खास काजू सेब मिठाई: असली सेब जैसी दिखने वाली इस मिठाई के दीवाने हुए लोग
राजस्थान के भरतपुर की मशहूर काजू सेब मिठाई अपनी अनूठी बनावट और शाही स्वाद के चलते लोगों के बीच तेजी से पहचान बना रही है। यह दिखने में बिल्कुल सेब की तरह लगती है, लेकिन स्वाद में काजू की मिठास इसे खास बनाती है।
रुदावल का ककड़ी आम: खट्टी-मीठी पहचान और किसानों की बढ़ती आमदनी का जरिया
भरतपुर जिले के रुदावल इलाके में पैदा होने वाला ककड़ी आम अपने विशिष्ट स्वाद और अचार उपयोगिता के चलते क्षेत्रीय पहचान बना रहा है। कम लागत में अच्छा मुनाफा देने वाली यह फसल किसानों की आय का मजबूत आधार बनती जा रही है।
भरतपुर के अपना घर आश्रम में नया परिक्रमा मार्ग, सेहत के साथ जुड़ी आस्था; नवग्रह वाटिका बनी आकर्षण का केंद्र
भरतपुर के अपना घर आश्रम में करीब 1.5 किलोमीटर लंबा एक्यूप्रेशर टाइल्स वाला परिक्रमा मार्ग और औषधीय पौधों से सजी नवग्रह वाटिका तैयार की गई है, जो आध्यात्मिक शांति और स्वास्थ्य लाभ का केंद्र बन गई है।
भरतपुर की महिलाओं ने पेश की आत्मनिर्भरता की मिसाल, घर पर ही बना रहीं साबुन और फिनाइल
भरतपुर जिले की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर फिनाइल, हैंडवॉश और साबुन जैसे घरेलू उत्पाद तैयार कर रही हैं और घर के कामकाज के साथ अतिरिक्त आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।