उपनाम: भारत
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच तनातनी, भारत के लिए कूटनीतिक परीक्षा
भारत की अध्यक्षता में आयोजित हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पश्चिम एशिया का बढ़ता तनाव एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है, जहां ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के अलग-अलग हितों के बीच संतुलन बनाना भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक अग्निपरीक्षा है।
रक्षा से परमाणु शक्ति तक: भारत की बदलती रणनीति देख पड़ोसी देशों में क्यों मचा है हड़कंप?
भारत अब रक्षा विनिर्माण, अंतरिक्ष तकनीक और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में जिस रफ्तार से आगे बढ़ रहा है, उसने वैश्विक पटल पर नई बहस छेड़ दी है। सीमा पर हो रहे युद्धाभ्यास से लेकर बेल्जियम के साथ हुए बड़े रक्षा सौदों तक, भारत की यह तैयारी भविष्य के महाशक्ति बन...
वैश्विक मानचित्र पर भारत का सख्त रुख: संयुक्त राष्ट्र में दी चेतावनी, सीमाओं से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं
संयुक्त राष्ट्र महासभा में नक्शों से जुड़े एक प्रस्ताव पर मतदान के दौरान भारत ने अपनी सीमाओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया है और साफ किया है कि देश के मानचित्र में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र में 'करेक्ट द मैप' को क्यों मिला भारत का साथ, क्या है 164 देशों के एकजुट होने की वजह
संयुक्त राष्ट्र महासभा में 'करेक्ट द मैप' प्रस्ताव को भारी बहुमत से पारित कर दिया गया है। भारत ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया है कि वह किसी विशेष नक्शा प्रणाली को अनिवार्य बनाने के पक्ष में नहीं है।
इसरो की ऐतिहासिक उड़ान, जीएसएलवी-एफ17 की कामयाबी पर बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए जीएसएलवी-एफ17 के जरिए ईओएस-05 उपग्रह को सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि को देश के लिए गर्व का क्षण बताया है।
बांग्लादेश लौटना चाहती हैं शेख हसीना: जान का जोखिम और कानूनी चुनौतियों के बीच बताया वापसी का अपना प्लान
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक एक्सक्लूसिव बातचीत में अपने देश लौटने की इच्छा जाहिर की है। मौत की सजा और सुरक्षा के खतरों के बावजूद उन्होंने कहा कि वह जल्द ही वापस लौटना चाहती हैं।
यूक्रेन दौरे पर एस जयशंकर, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भारत के शांति प्रयासों की सराहना की
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कीव में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की, जिसमें रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में भारत के रुख पर चर्चा हुई।
एक्सप्रेसवे निर्माण की आधुनिक तकनीक और उनकी मजबूती का रहस्य
देशभर में तेजी से बन रहे एक्सप्रेसवे न केवल सफर को आसान बना रहे हैं, बल्कि इनके निर्माण में विश्वस्तरीय इंजीनियरिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। जानिए इन सड़कों को बनाने वाली विशेष तकनीकों और इनकी उम्र से जुड़ी अहम बातें।
नेपाल में आपदा के समय भारत और चीन की मदद पर बोले बालेन शाह, दिया धन्यवाद
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के दौरान भारत और चीन द्वारा दी गई सहायता को प्रधानमंत्री बालेन शाह ने सराहा है। उन्होंने संसद में जानकारी दी कि इन देशों ने समय रहते तकनीकी सहयोग प्रदान किया था।
शंघाई सहयोग संगठन में चीन ने बदला रुख, आतंकवाद पर भारत की बात मानकर पाकिस्तान को दिया झटका
शंघाई सहयोग संगठन के हालिया शिखर सम्मेलन में चीन ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के सख्त रुख का समर्थन किया है, जिससे पाकिस्तान कूटनीतिक रूप से अलग-थलग पड़ गया है।
7.8 फीसदी जीडीपी ग्रोथ पर बोले प्रधानमंत्री मोदी, कहा- वैश्विक संकटों के बावजूद भारत की रफ्तार बेमिसाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर पर गर्व व्यक्त करते हुए इसे सामूहिक संकल्प की जीत बताया है। उन्होंने लोगों से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की है।
दुनिया की भलाई के लिए हिंदुओं का जागना जरूरी, टोरंटो में बोले मोहन भागवत
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कनाडा के टोरंटो में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की परंपरा और डीएनए में दूसरों की मदद करना शामिल है, और हिंदू धर्म पूरी दुनिया को एक परिवार मानता है।
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच नई रणनीतिक साझेदारी, 5 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य के लिए तैयार हुआ रोडमैप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताशकंद यात्रा के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान ने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदलने का निर्णय लिया है, जिसका मुख्य केंद्र रक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और यूरेनियम आपूर्ति है।
मन की बात के 137वें एपिसोड में बोले प्रधानमंत्री मोदी, भारत में युवा रचनाकारों की कोई कमी नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 137वें संस्करण में देश के युवाओं की रचनात्मकता की सराहना की और इतिहास जानने के लिए एक नई वेबसाइट का उल्लेख किया।
अग्नि-5 मिसाइल: चीन और तुर्की तक भारत की मारक क्षमता, जानें किन देशों पर है भारत का दबदबा
भारत की ताकतवर बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 अब दक्षिण एशिया से लेकर यूरोप और अफ्रीका के कई हिस्सों तक प्रहार करने में सक्षम है। यह मिसाइल न केवल चीन के बड़े हिस्से को कवर करती है, बल्कि इसकी रेंज में मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया के तमाम देश भी शामिल हैं।