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एक घंटा पहले
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कीव पहुंचे विदेश मंत्री
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर अपनी यूक्रेन यात्रा के दौरान कीव पहुंचे, जहां उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस मुलाकात में रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे लंबे युद्ध, खाद्य आपूर्ति श्रृंखला की स्थिति और मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक हालात जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से बातचीत की गई। इस दौरान यूक्रेनी राष्ट्रपति ने स्पष्ट रूप से कहा कि यूक्रेन रूस-यूक्रेन युद्ध के संबंध में भारत द्वारा अपनाए गए रुख का सम्मान करता है और इसके लिए उनका आभारी है।
शांति के संकल्प के लिए आभार
राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने बैठक के बाद कहा कि उन्होंने एस जयशंकर के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की है। उन्होंने कहा, हम रूस और यूक्रेन के बीच जारी इस अन्यायपूर्ण संघर्ष को समाप्त करने के लिए भारत द्वारा दिखाए गए संकल्प और उनकी प्रतिबद्धता के आभारी हैं। जेलेंस्की ने दोहराया कि यह युद्ध का दौर नहीं है और दुनिया को शांति की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत का रुख काफी स्पष्ट रहा है। कीव में हुई इस मुलाकात के दौरान उन्होंने रूसी ड्रोन हमलों का भी जिक्र किया और वैश्विक शक्तियों से शांति बहाली के लिए स्पष्ट स्टैंड लेने का आह्वान किया।
भारत का रुख स्पष्ट
अपनी यूक्रेन यात्रा के दौरान एस जयशंकर ने कीव में अपने यूक्रेनी समकक्ष आंद्री सिबिहा के साथ भी विस्तृत द्विपक्षीय बातचीत की। इस चर्चा के दौरान एस जयशंकर ने भारत के पुराने और स्थिर रुख को फिर से दोहराया। उन्होंने कहा, भारत ने हमेशा इस बात को मजबूती से रखा है कि यह दौर युद्ध का नहीं है और किसी भी समस्या का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं निकल सकता है। संघर्ष के प्रत्येक दिन के साथ मौतों का आंकड़ा और विनाश बढ़ता जा रहा है, जिसे रोकना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति के समाधान तक पहुंचने का रास्ता शामिल पक्षों को ही निकालना होगा, लेकिन भारत शांति प्रक्रिया में हर संभव योगदान देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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