उपनाम: आदिवासी संस्कृति
दिवाली पर सजता है नटराज का रूप, नृत्य करते हुए जीवनसाथी चुनने की 2,500 साल पुरानी अद्भुत परंपरा
तेलंगाना के आदिलाबाद में गोंड, कोलम और आंध जनजातियों द्वारा मनाया जाने वाला दांडारी-गुस्साड़ी उत्सव अपनी अनोखी परंपराओं, शिव स्वरूप नृत्य और जीवनसाथी चुनने के रिवाज के लिए प्रसिद्ध है।
झारखंड की अनूठी परंपरा: घोड़े के भीतर समाकर थिरकते हैं कलाकार, राजा-महाराजाओं के काल से है गहरा संबंध
झारखंड के आदिवासी समाज में सदियों पुरानी 'घोड़ा नाच' की परंपरा आज अपनी पहचान बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। कलाकार खास तौर पर तैयार किए गए कृत्रिम घोड़े के भीतर सवार होकर इस अनूठे लोक नृत्य को पेश करते हैं।
जंगल की देन शारू सुकटी: छत्तीसगढ़ के सरगुजा की पुरानी परंपरा, टमाटर और पसिया से खिलता है स्वाद
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में आदिवासी समाज आज भी जंगल से मिलने वाले शारू का सेवन करते हैं, जिसे सुखाकर सुकटी बनाई जाती है और सदियों से इसे पारंपरिक तरीके से पकाकर खाया जा रहा है।
सरगुजा के जंगलों का खास स्वाद: शारू सुकटी की दीवानगी, पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है परंपरा
छत्तीसगढ़ के सरगुजा अंचल में आदिवासी समुदाय जंगल से मिलने वाली शारू सुकटी का सेवन पारंपरिक तरीके से करते हैं। इसे सुखाकर और पीसकर लंबे समय तक संरक्षित रखा जाता है, जो आज भी ग्रामीण थाली का अभिन्न अंग है।
झारखंड की पहचान हड़िया: 7 साल की रिसर्च में सेहत को लेकर हुए बड़े खुलासे
झारखंड की पारंपरिक हड़िया पर डॉ. सुकन्या हेंब्रम ने लंबी शोध की है। लैब रिपोर्ट में इसमें मौजूद औषधीय गुणों और एंटीऑक्सीडेंट तत्वों की पुष्टि हुई है।
कर्मा पूजा: भादो एकादशी पर आदिवासी परंपरा और प्रकृति के प्रति अटूट आस्था की अनूठी झलक
सरगुजा क्षेत्र में भादो एकादशी के मौके पर कर्मा पूजा का पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, जिसमें युवतियां परिवार की सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
क्या है भादोम जात्रा? रिमांड पर क्यों रखे जाते हैं देवी-देवता, जानें भंगाराम माई दरबार की अनोखी परंपरा
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में एक अनोखी परंपरा के तहत देवी-देवताओं को अदालत के कटघरे में खड़ा किया जाता है। भादोम जात्रा के दौरान भंगाराम माई के दरबार में देवताओं की सालभर की 'परफॉर्मेंस' का हिसाब होता है और लापरवाही पर उन्हें जेल की सजा भी दी जाती है।
छत्तीसगढ़ में अनोखी परंपरा: अच्छी बारिश और फसल के लिए रचाई गई देवता की शादी
कांकेर जिले के आमाटोला गांव में ग्रामीणों ने प्रकृति के देवता भीमाल पेन का विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया। इस आयोजन का उद्देश्य अच्छी मानसून बारिश और खेतों में लहलहाती फसल की कामना करना है।
माउंट आबू का 800 साल पुराना रहस्य: यह अनोखी शिव प्रतिमा दोनों ओर से दिखती है बिल्कुल एक जैसी
राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू के सरकारी संग्रहालय में रखी 800 साल पुरानी चक्रबाहु शिव प्रतिमा दोनों तरफ से एक समान दिखाई देती है। यहां 412 से अधिक प्राचीन मूर्तियां, 1000 साल पुरानी ब्रह्माजी की दुर्लभ प्रतिमा और आदिवासी संस्कृति की झलक इतिहास...
बेतला नेशनल पार्क में 'अन्वेषण' जंगल कैंप का आगाज़, एडवेंचर के शौकीन युवा हो सकते हैं शामिल, पहला बैच 22 जून से
पलामू टाइगर रिजर्व ने बेतला नेशनल पार्क में 16 वर्ष से ऊपर के युवाओं के लिए दो दिवसीय जंगल कैंप 'अन्वेषण' शुरू किया है, जहां वे वन संरक्षण और आदिवासी जीवन को करीब से समझेंगे। इसका पहला बैच 22 और 23 जून को आयोजित होगा।