अक्सर लोग पेशाब संबंधी दिक्कतों को उम्र का असर मानकर अनदेखा कर देते हैं, जो भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बन सकता है। विशेषज्ञ के अनुसार सही समय पर जांच और इलाज से इन समस्याओं से छुटकारा पाना संभव है।
अगर आपके घर का मनी प्लांट बढ़ना बंद हो गया है या इसकी पत्तियां पीली पड़ रही हैं, तो कुछ सामान्य गलतियों को सुधारकर आप इसकी रौनक वापस ला सकते हैं।
राजस्थान के अलवर जिले के मेवात इलाके में पारंपरिक 'सीमी' बनाने का काम तेजी पर है। गेहूं के आटे से बनी यह देसी डिश अपने लाजवाब स्वाद के लिए पूरे क्षेत्र में मशहूर है।
अक्सर यात्रा के दौरान होटल पहुंचने पर आपको चेक-इन के लिए दोपहर 12 बजे तक का इंतजार करना पड़ता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे का वैज्ञानिक और मैनेजमेंट कारण क्या है?
अच्छी सेहत के लिए 7 से 9 घंटे की नींद पर्याप्त होती है, लेकिन 10 घंटे सोने के बाद भी थकान महसूस होना किसी छिपी हुई स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।
थायराइड के लक्षणों से जूझ रहे लोगों के लिए सिर्फ दवा लेना काफी नहीं है, बल्कि सही पोषण भी जरूरी है। जानिए कौन से सुपरफूड्स मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखने में मदद कर सकते हैं।
घर में दाल बच जाने पर उसे फेंकने की जरूरत नहीं है। आप इस बची हुई दाल से झटपट चटपटा और स्वादिष्ट पराठा तैयार कर सकते हैं जो नाश्ते के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।
घर पर हलवा बनाना हर किसी को पसंद है। अगर आप भी सूजी, बेसन और गेहूं के हलवे की आसान रेसिपी और अंतर जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए है।
इंटरमिटेंट फास्टिंग आज के समय में वजन घटाने का एक चर्चित जरिया बन गई है, लेकिन क्या यह सभी के लिए उपयुक्त है। जानिए किन लोगों को इस डाइट प्लान से बचना चाहिए और इसके संभावित दुष्प्रभाव क्या हो सकते हैं।
जयपुर के 100 साल पुराने मिष्ठान भंडार में मिलने वाली गुलाब शकरी अपनी खास रेसिपी के लिए मशहूर है, जिसे तैयार होने में 40 घंटे से 3 दिन का समय लगता है।
अगर आप बोरिंग खाने से परेशान हैं तो निमाड़ की प्रसिद्ध ठेसा चटनी जरूर ट्राई करें। यह चटनी न केवल बनाने में आसान है, बल्कि 15 दिनों तक सुरक्षित रहती है।
बोकारो और धनबाद की सीमा पर स्थित सत्खटिया वॉटरफॉल मानसून के दौरान पर्यटकों के लिए एक स्वर्ग जैसा अनुभव प्रदान करता है, जहां घने जंगलों के बीच दो झरनों का संगम देखने को मिलता है।
मध्य प्रदेश के निमाड़ इलाके में प्रसिद्ध ठेसा चटनी अपनी लाजवाब चटपटे स्वाद और लंबी शेल्फ लाइफ के लिए जानी जाती है। इसे घर पर बनाना बेहद आसान है और यह 15 दिनों तक बिल्कुल ताजा बनी रहती है।
बाजार के केमिकल युक्त हेयर प्रोडक्ट्स को छोड़कर अगर आप घर की शुद्ध मेंहदी का इस्तेमाल करते हैं, तो बालों को नेचुरल चमक और मजबूती मिलती है।
बिहार के सारण जिले में छपरा की यह मशहूर लस्सी साल 1974 से अपने पारंपरिक स्वाद और शुद्धता के लिए लोगों की पहली पसंद बनी हुई है।
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