उत्तर प्रदेश
6 घंटे पहले
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विपक्ष पर बरसे मुख्यमंत्री योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईआर यानी एसआईआर (SIR) को लेकर मचे घमासान के बीच कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया है। रविवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस और तमाम विपक्षी दल लंबे समय से भारत की संवैधानिक व्यवस्थाओं को कमजोर करने के प्रयास में लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, ये दल किसी भी ऐसी साजिश का सक्रिय हिस्सा बनने से गुरेज नहीं करते, जिससे देश के लोकतांत्रिक ढांचे को क्षति पहुंच सके। उन्होंने विपक्षी दलों के मौजूदा रुख को अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत करार दिया है।
एसआईआर पर अनावश्यक हंगामा
मुख्यमंत्री ने एसआईआर के मुद्दे पर सफाई देते हुए कहा कि इसे लेकर विपक्ष द्वारा फैलाया जा रहा भ्रम पूरी तरह से निराधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग द्वारा की जा रही यह कार्यवाही कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी विभिन्न सरकारों के कार्यकाल में, विशेषकर कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारों के दौरान 1952, 1957, 1961, 1965-66 और 2003 में भी एसआईआर की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इसके बावजूद, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) जैसे दलों द्वारा इस बार जो हंगामा बरपाया जा रहा है, वह पूरी तरह से दुर्भाग्यपूर्ण और राजनीति से प्रेरित है।
सेना के शौर्य पर भी उठाए गए सवाल
विपक्षी दलों के अतीत पर हमला करते हुए सीएम योगी ने याद दिलाया कि ये वही लोग हैं जिन्होंने समय-समय पर देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और आर्थिक कदाचार के आरोपों में घिरे ये दल पहले भी भारतीय सेना के पराक्रम पर सवाल खड़े कर चुके हैं। बालाकोट एयरस्ट्राइक के समय सेना की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठाना और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे बहादुर जवानों के शौर्य को संदेह के घेरे में लाने का कुत्सित प्रयास करना इनकी देशद्रोही मानसिकता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि क्या यही इनकी देशभक्ति है कि वे हर कदम पर देश का अपमान करने से नहीं चूकते?
संवैधानिक संस्थाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने प्रेस के माध्यम से पूरी स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि एसआईआर के संबंध में पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं और छूटे हुए मतदाताओं को फॉर्म 6 भरने की पूरी आजादी है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी चुनाव आयोग की कार्यवाही को सही ठहराया है। इसके बावजूद, मुख्य निर्वाचन आयुक्त और आयोग को कटघरे में खड़ा करना देश को दुनिया के सामने नीचा दिखाने जैसा है। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को कमजोर करने का कांग्रेस का यह कृत्य अत्यंत हैरान करने वाला है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में मुख्यमंत्री ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी, जिसमें उत्तर प्रदेश की संगठनात्मक तैयारियों और आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई थी।
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