हरियाणा के यमुनानगर में मानवता शर्मसार, 11 साल की नाबालिग पीड़िता ने बच्ची को दिया जन्म हरियाणा एक घंटा पहले 2
यमुनानगर में एक 11 साल की नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता ने सिविल अस्पताल में एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया है। पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जो एक फार्मेसी कंपनी में ड्राइवर के पद पर कार्यरत था।

यमुनानगर में झकझोर देने वाली घटना

हरियाणा के यमुनानगर से एक बेहद विचलित करने वाला और संवेदनहीनता की हद पार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक महज 11 साल की नाबालिग छात्रा ने एक बच्ची को जन्म दिया है। यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और हर कोई इस जघन्य अपराध की निंदा कर रहा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है।

सिविल अस्पताल में हुआ सुरक्षित प्रसव

पीड़िता को यमुनानगर के सिविल अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, नाबालिग ने सामान्य प्रसव (नॉर्मल डिलिवरी) के जरिए बच्ची को जन्म दिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) जितेंद्र कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जच्चा और बच्चा दोनों ही वर्तमान में पूरी तरह स्वस्थ हैं। डॉक्टरों की देखरेख में चल रही पीड़िता को आगामी दो से तीन दिनों के भीतर अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है।

पुलिस की कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी

इस पूरे मामले की जड़ में जाए तो पीड़िता के परिजनों ने बीते मई महीने में छछरौली थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जब शिकायत दर्ज की गई थी, उस समय छात्रा लगभग सात महीने की गर्भवती थी। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी छछरौली इलाके की ही एक फार्मेसी कंपनी में ड्राइवर के तौर पर काम करता था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में कानूनी प्रक्रिया अभी भी चल रही है।

महिला पुलिसकर्मी का सराहनीय सहयोग

इस कठिन दौर में छछरौली थाने की महिला पुलिसकर्मी मंजीत कौर ने पीड़िता के साथ एक मजबूत ढाल की तरह काम किया। पूरी घटना के दौरान उन्होंने न केवल पीड़िता की व्यक्तिगत देखभाल की, बल्कि अस्पताल में उसकी डिलीवरी कराने की जटिल प्रक्रिया में भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

न्याय की आस

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि मासूम बच्ची के साथ हुई इस बर्बरता की भरपाई कैसे होगी। चिकित्सा अधिकारी जितेंद्र कुमार ने भी स्पष्ट किया कि पीड़िता एडवांस स्टेज में अस्पताल पहुंची थी। उन्होंने इस घटना को अत्यंत निंदनीय करार दिया है। अब पीड़ित परिवार और समाज की निगाहें अदालत पर टिकी हैं, ताकि कानून के दायरे में आरोपी को कठोरतम सजा मिल सके और पीड़िता को जल्द न्याय प्राप्त हो सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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